दोस्तों, क्या आस्था के नाम पर कानून हाथ में लेने की इजाज़त दी जा सकती है? क्या भक्ति के नाम पर हिंसा और तोड़फोड़ को सही ठहराया जा सकता है? लखनऊ से लेकर रुड़की तक कांवड़ यात्रा के दौरान ऐसे दृश्य सामने आए हैं, जिन्होंने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं पुलिसकर्मियों से मारपीट हुई, तो कहीं स्कूल वैन पर पथराव। आखिर आस्था की आड़ में यह बवाल क्यों? क्या ये जो बवाल कर रहे हैं या हर साल करते हैं ये बाबा भोलेनाथ के असल भक्त हैं या भक्ति की आड़ में कुछ ऐसे लोग भी कावड़ में शामिल हैं जो सिर्फ उत्पाद मचाते हैं। दोस्तो हरिद्वार से कांवड़ यात्रा के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने माहौल गरमा दिया है। एक कांवड़िए ने पुलिसकर्मी पर कांवड़ खंडित करने का आरोप लगाया। आरोप लगते ही मौके पर हंगामा शुरू हो गया और स्थिति तनावपूर्ण बन गई। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी वहां से हट गया। हालांकि, मेडिकल जांच में उसके नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मौके पर हुआ क्या था? क्या यह केवल गलतफहमी थी या आरोपों में कोई सच्चाई है? फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। इतना ही नहीं है अगली तस्वीर और ज्यादा डराने वाली है। हरिद्वार से कांवड़ यात्रा के दौरान एक बार फिर बवाल की तस्वीरें सामने आई हैं। गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर एक कार से कुछ कांवड़ियों के टकराने की बात सामने आई, जिसके बाद गुस्साए कांवड़ियों ने कार को घेर लिया और उसमें जमकर तोड़फोड़ की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह कार देहरादून से चोरी की बताई जा रही है। दोस्तो ऐसी कई तस्वीर में कावड़ की शुरूआत से ही सामने आ रही हैं।
दोस्तो सावन के महीने में चल रही कांवड़ यात्रा के बीच उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई शहरों से हंगामे और हिंसा की तस्वीरें सामने आई हैं। मेरठ, लखनऊ, गाजियाबाद और रुड़की में अलग-अलग घटनाओं में मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। घटनाओं के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और कई जगह सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है, लेकिन इन सबके बीच एक सवाल है कि कांवड़ यात्रा के दौरान तोड़फोड़ क्यों, हर बार कांवड़ यात्रा में क्यों ऐसी तस्वीरें देखने को मिलती हैं? सबसे बड़ी घटना उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सामने आई। यहां दौराला थाना क्षेत्र में कुछ कांवड़ियों और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हो गया. पुलिस के अनुसार, हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे दो कांवड़ियों के बीच पहले आपस में टक्कर हुई थी। इसी दौरान एक बाइक सवार पर टक्कर मारने का आरोप लगाया गया। सूचना मिलने पर दो पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में सरकारी जीप से मौके पर पहुंचे। दोस्तो इस तस्वीर पर बताया ये गया कि बताया जा रहा है कि आरोपी के मौके से चले जाने के बाद कुछ कांवड़ियों का गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा. आरोप है कि उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों को जीप से बाहर निकालकर मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
वहीं राजधानी लखनऊ में भी कांवड़ यात्रा के दौरान हंगामे की घटना सामने आई। चरक चौराहे के पास बच्चों से भरी एक स्कूल वैन पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। पथराव में वैन के शीशे टूट गए और वाहन में बैठे बच्चे घबरा गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चे डर के कारण रोने लगे और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोस्तो घटना के दौरान वैन चालक भी वहां से निकल गया। कुछ समय तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। बाद में आसपास के लोग और पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना में शामिल लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक यात्रा के दौरान यदि किसी कारण से विवाद होता भी है तो उसे कानून के दायरे में रहकर सुलझाया जाना चाहिए। सड़क पर मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ जैसी घटनाएं न केवल आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनती हैं, बल्कि यात्रा की पवित्रता पर भी सवाल खड़े करती हैं।