काशीपुर किसान आत्महत्या केस: पीड़ित परिवार से मिले गणेश गोदियाल और यशपाल आर्य, लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे

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हल्द्वानी में काशीपुर के किसान आत्महत्या मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। मामले की जांच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंपी गई है। उधर, काशीपुर के किसान की आत्महत्या किए जाने पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। Kashipur Farmer Sukhwant Death Case इसी कड़ी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या किसान सुखवंत के घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि किसान की आत्महत्या के पीछे के कारण इंसानियत को झकझोर देने वाले हैं। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है तथा काशीपुर में किसान की आत्महत्या का मामला इसका जीता जागता उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक किसान की आत्महत्या का मामला है, अपितु धामी सरकार और राज्य पुलिस के माथे पर कलंक है। इस प्रकार के कृत्यों में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता जनता को सोचने के लिए मजबूर करती है कि पुलिसकर्मी अपने परिवार के सुखचैन के लिए किसी के जीवन को खरीद रहे हैं तो यह राज्यवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। किसान द्वारा की गई धोखाधडी की शिकायत पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की बजाय उल्टे आरोपियों से पैसे लेकर शिकायत कर्ता किसाना को ही प्रताडित करना और धमकाना शुरू किया जिसके लिए उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की जानी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जाय। साथ ही मृतक किसान के परिजनों को उचित मुआबजा दिया जाय और आरोपी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाय ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि इस मामले में पुलिस कर्मियों को निलंबित करना काफी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की प्रताड़ना और सत्ता के अहंकार के आगे एक किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुआ। इस घटना से एक पूरा परिवार उजड़ गया। यह सिर्फ एक किसान की मौत नहीं है बल्कि सरकार की अमानवीय नीतियों का परिणाम है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। इसके अलावा दोषी पुलिस अधिकारियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया जाए। मृतक किसान के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की सरकार घोषणा करे। मृतक किसान उत्पीड़न में संलिप्त अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में किसान सुरक्षित नहीं है। पीड़ित लोगों को न्याय मिले, इसकी कोई गारंटी नहीं है। कांग्रेस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।