केदारनाथ धाम में आस्था के साथ अब लापरवाही की तस्वीर भी सामने आ रही है, केदारनाथ मंदिर में बर्फबारी के बीच एक सेल्फी का जुनून भारी पड़ गया। एक यात्री खतरनाक ग्लेशियर किनारे पर सिर्फ एक फोटो लेने के लिए चढ़ा, लेकिन अगला ही पल दर्दनाक हादसे में बदल गया। क्या पहाड़ों में सेल्फी अब जानलेवा बनती जा रही है?क्या रोमांच के नाम पर लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं?सावधान क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही, बड़ा हादसा बन सकती है। दोस्तो दोस्तो उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में एक बार फिर लापरवाही और सेल्फी का जुनून भारी पड़ गया। छोटी लिनचोली क्षेत्र में एक पर्यटक सिर्फ एक फोटो के लिए बर्फ से ढके खतरनाक किनारे पर चढ़ गया, लेकिन यह फैसला उसके लिए दर्दनाक साबित हुआ। दोस्तो केदारनाथ धाम में इस समय लगातार बर्फबारी हो रही है, केदारनाथ धाम में तैनात पुलिस बल, दर्शनों के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को बर्फबारी के बीच कतारबद्ध कराते हुए सुगम दर्शन करवा रहे हैं। बर्फबारी के बीच केदारनाथ दर्शनों को पहुंचे श्रद्धालुओं एवं कर्तव्य पथ पर डटे पुलिस जवानों का जोश बना हुआ है। श्रद्धालुओं से अपील की जाती है कि वे अपने साथ पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े, बरसाती, जैकेट, जरूरी दवाईयां इत्यादि लेकर अवश्य चलें। रुद्रप्रयाग पुलिस और प्रशासन आपकी सुगम, सरल व सुरक्षित केदारनाथ धाम यात्रा करवाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन दोस्तो फिर कुछ श्रद्धालु ऐसे हैं जो बदलते मौसम को मजाक समझ रहे हैं..और ऊचाई वाले क्षेत्रों में स्थित ग्लेशियर तक पहुंच सैल्फी ब्लोंगिग, तमाम चीजें करते दिखाई दे रहे हैं इस बीच एक दर्दनाक घटना तब घटी जब एक श्रद्धालुं सल्फि लेने के चक्कर में बड़ी मुसीबत में पड़ गया। दोस्तो जानकाररी के अनुसार केदारनाथ में मध्य प्रदेश के विदिशा निवासी 42 वर्षीय अनूप रैकवार बर्फीली ढलान पर सेल्फी लेने के लिए ऊपर चढ़े थे।
इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और उनका पैर फिसल गया। नीचे गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसमें पसलियां टूटने की भी आशंका जताई गई। पुलिस चौकी लिनचोली से SDRF को घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई SDRF के जवानों ने मौके पर पहुंचकर घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दिया और स्ट्रेचर के जरिए कठिन रास्ते से सुरक्षित नीचे लाया। रेस्क्यू के बाद घायल यात्री को छोटी लिनचोली अस्पताल में भर्ती कराया गया। समय रहते राहत मिलने से उसकी जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया। वहीं दोस्तो यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि खतरनाक जगहों पर सेल्फी लेना जानलेवा हो सकता है। प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियां लगातार यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील कर रही हैं। केदारनाथ जैसे संवेदनशील और खतरनाक इलाकों में रोमांच के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही न केवल आपकी बल्कि दूसरों की जान भी खतरे में डाल सकती है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। बर्फ, ऊंचाई और फिसलन वाले रास्तों पर जरा सी लापरवाही सीधे हादसे में बदल सकती है। इधर दोस्तो मौसम को लेकर पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अलर्ट किया जा रहा है..मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चार मई को देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, यूएसनगर और चंपावत के लिए खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। पांच मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर व पिथौरागढ़ में सतर्क रहने को कहा गया है। दोनों दिन बारिश, तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली कड़कने और ओलावृष्टि की आशंका है। ऐसे में दोस्तो बेहद सावधान रहने की जरूरत है, स्थानीय लोगों के साथ साथ चारधाम यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए हालांकि स्थानीय प्रशासन हर कदम पर नजर बनाए हुए लेकिन कुछ लोग नियम कायदों हटकर मनमानी करने पर उतारू होते हैं तभी कई बार हादसे हुए हैं या हो रहे हैं तो केदारनाथ धाम में एक सेल्फी और बड़ा हादसा टलते-टलते बच गया। केदारनाथ मंदिर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में लापरवाही किस हद तक भारी पड़ सकती है, ये घटना उसी की चेतावनी है।क्या रोमांच के नाम पर जान जोखिम में डालना सही है?क्या एक फोटो के लिए अपनी और दूसरों की सुरक्षा से समझौता करना ठीक है?प्रशासन लगातार अपील कर रहा है, लेकिन जिम्मेदारी हर यात्री की भी है।क्योंकि पहाड़ों में छोटी सी गलती बड़ा हादसा बन सकती है।सुरक्षित रहें, सजग रहें।