उत्तराखंड में काबू से बाहर हालात? | Mussoorie | Nainital | Viral Video | Uttarakhand News

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उत्तराखंड में सैर-सपाटा या फिर सड़कों पर बवाल? पर्यटकों की एंट्री के साथ ही क्यों बिगड़ने लगे हालात? दिल्ली-हरियाणा से आए कुछ पर्यटकों के हुड़दंग ने क्या पर्यटन की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं? उत्तराखंड में इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन इस भीड़ के बीच अब बवाल की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं।दिल्ली-हरियाणा से आए कुछ पर्यटकों के हुड़दंग ने माहौल बिगाड़ दिया, हालात ऐसे बने कि पुलिस को फोर्स तैनात करनी पड़ी और ड्रोन से निगरानी तक शुरू करनी पड़ी। दोस्तो, उत्तराखंड में मसूरी से लेकर नैनीताल तक पर्यटकों की भारी कतार है। खास कर वीक एंड में जहां सड़कें जाम हो जाती हैं, तो वहीं बवाल हुड़दंग कम नहीं है। क्या उत्तराखंड में हालात काबू से बाहर होते जा रहे हैं?पर्यटन के नाम पर नियमों की अनदेखी और सड़कों पर बढ़ता ये हंगामा आखिर जिम्मेदार कौन है? वीडियो को आप अंत देखें उससे पहले मै आपको कुछ तस्वीरें दिखाना चाहता हूं। गौर कीजिएगा ये हो क्या रहा है और कैसे अब पर्यटन और पर्यटक के मामने बदल रहे हैं। दोस्तो देख रहे हैं आप ये वाली तस्वीर रविवार शाम की है और माल रोड मसूरी की है, मसूरी में एक बड़ा विवाद देखने को मिला। बताया ये गया कि दिल्ली से आये पर्यटक निर्धारित प्रतिबंधित समय में अपनी गाड़ी को मॉल रोड के अंदर ले जाने की जिद करने लगे, जिसे लेकर बैरियर पर तैनात लोगों से बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि पर्यटक दंपति और स्थानीय दंपति के बीच जमकर झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के साथ-साथ लात-घूंसे और मारपीट तक की नौबत आ गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।घटना ने पर्यटन स्थलों पर बढ़ती अनुशासनहीनता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियम कायदों की दो धज्जियां जम कर उड़ रही रही हैं अब में आपको एक जैसी दो तस्वीरें दिखा रहा हूं, तभी दो प्रशासन ने बड़ा फैसला देते हो एसएसबी को निगरानी में लगा दिया।

दोस्तो सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे नैनीताल और कैंची धाम के बीच का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ लोग चलती कार की खिड़कियों से बाहर लटकते हुए नजर आ रहे हैं, जो पहाड़ी सड़कों पर बेहद खतरनाक स्थिति पैदा करता है हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है किन स्थान चाहे कोई भी हो, इस तरह की लापरवाही भरी हरकतें न सिर्फ गाड़ी में बैठे लोगों के लिए, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में इस तरह का जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है। एक वीडियो में HR-26 नंबर की कार में बैठे कुछ लोग खिड़कियों से बाहर निकलकर शराब पीते दिख रहे हैं, जिससे पहाड़ी सड़कों पर गंभीर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के सवाल खड़े हो रहे हैं। इस तरह की हरकतें न सिर्फ उनकी अपनी जान को खतरे में डालती हैं, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी बड़ा जोखिम पैदा करती हैं। पहाड़ी इलाकों—जैसे हिमाचल प्रदेश—में इस तरह का लापरवाह व्यवहार हादसों को न्योता दे सकता है। सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और खतरनाक स्टंट—इन सब पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। पर्यटन का आनंद लें, लेकिन नियमों और स्थानीय संस्कृति का सम्मान करें ऐसे में दोस्तो एसी ही तस्वीर को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया गया है दोस्तो उत्तराखण्ड के नैनीताल में सरकार ने सीजन की तैयारी को पूरा करते हुए सशस्त्र सीमा बल (SSB) को कैंचींधाम और नैनीताल हाईकोर्ट की निगरानी के लिए तैनात किया है। अचानक अर्ध सुरक्षा बलों की तैनाती से स्थानीय लोग भी अचंभित है, लेकिन पुलिस ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत, दो कंपनी एस.एस.बी.अब कैंचीधाम और नैनीताल शहर और हाईकोर्ट में तैनात की गई है। ग्रीष्मकाल के दौरान नैनीताल और आसपास के पर्यटक और धार्मिक स्थलों में अत्यधिक भीड़भाड़ और आतंकवादी घंटनाओं की आशंकाओं के मद्देनजर पैरामिलिट्री फ़ोर्स लगाई गई है। मई माह के प्रथम वीकेंड पर ये फोर्स अपनी वर्दी और शस्त्र के साथ शहर के मुख्य चौराहों, भीड़भाड़ वाली जगहों, कैंचींधाम मंदिर, भवाली तिराहा और हाईकोर्ट की सुरक्षा में तैनात हो गई। इन क्षेत्रों में इनके अलावा ट्रैफिक पुलिस, सिविल पुलिस समेत अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया हैं और साथ ही गोपनीय तंत्र को चौकन्ना रहने को कहा गया है तो उत्तराखंड की वादियों में बढ़ती भीड़ और उसके साथ बढ़ता ये हुड़दंग।एक तरफ पर्यटन से बढ़ती रौनक है, तो दूसरी तरफ नियमों की अनदेखी से बिगड़ता माहौल।मसूरी से लेकर नैनीताल और कैंची धाम तक अब सुरक्षा के लिए अतिरिक्त फोर्स और सख्ती जरूरी हो गई है।सवाल यही है—क्या सख्ती से हालात सुधरेंगे,या फिर पर्यटकों को खुद अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी?क्योंकि पहाड़ सिर्फ घूमने की जगह नहीं बल्कि संवेदनशील क्षेत्र हैंजहां एक छोटी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।फिलहाल प्रशासन अलर्ट है, लेकिन असली बदलाव तभी आएगा, जब नियमों का पालन हर कोई करेगा।