लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी में SC/ST एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह पूरा विवाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के बाद हुए एक धार्मिक ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ से जुड़ा है। Haldwani Purification Issue ki वाल्मीकि समुदाय से ताल्लुक रखने वाले शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने वहां केवल एक सामान्य धार्मिक अनुष्ठान और साफ-सफाई की थी, लेकिन राहुल गांधी ने बिना सच्चाई जाने सोशल मीडिया पर इसे “छुआछूत” और “दलित विरोधी मानसिकता” करार दे दिया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, राहुल गांधी के इस बयान ने एक सामान्य धार्मिक कार्य को दुर्भावनापूर्ण तरीके से जातिगत रंग दिया, जिससे समाज में नफरत फैलाने की कोशिश हुई और उनके समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।
इस मामले ने अब उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक बड़ा राजनीतिक और कानूनी रूप ले लिया है। पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने सहित SC/ST अधिनियम की धारा 3(1)(q) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे इस तरह के मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं और इस मामले का कानूनी व राजनीतिक रूप से डटकर सामना करेंगे। फिलहाल, हल्द्वानी पुलिस इस संवेदनशील मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और बयानों की जांच में जुट गई है।