जी हां दोस्तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने उत्तराखंड आए और सौगात दे कर गए हैं, लेकिन क्या आप जानेते हैं कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने के बाद कितनी बार देवभूमि आ चुके हैं। क्या आप जानते हैं कि इस बार के दौरे के दौरान पीएम मोदी ने उत्तराखंड की जनता से भरे मंच से मांफी मांगी, ये माफी क्यों मागी। PM Modi Public Rally In Dehradun मै आपको पीएम मोदी के ताजा दौरे के बारे में बताने के लिए आया हूं जिसमें बहुत सी बाते महत्वपूर्ण है अपने उत्तराखंड के लिए वो कौन कौन सी है और कैसे बीजेपी वाले मोदी के इस दौरे से गदगद है। वो दिखाउंगा आपनी इस रिपोर्ट में। तो दोस्तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि उत्तराखंड के अपने 28वें दौरे के दौरान उन्हें जनता से सीधे माफी मांगनी पड़ी? ये सवाल बड़ा है। दोस्तो प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरूआत उत्तराखंडी भाषा गढवाली कुमाउंनी में की। दोस्तो प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी मंगलवार को 28वीं बार देवभूमि उत्तराखंड पहुंचे। यहां उन्होंने 11,963 करोड़ की लागत से बने 213 किमी लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित किया। वहीं पीएम मोदी ने पहली बार राजधानी दून में 12 किमी का रोड शो किया। उनके आगमन के दौरान राजधानी देहरादून मोदीमय हो गया, लेकिन जैसे ही मोदी मंच पर बोले तो सबसे पहले उत्तराखंड की जनता से माफी मांगी।
दोस्तो देहरादून में पहली बार न सिर्फ पीएम मोदी ने 12 किमी का रोड शो निकाला, बल्कि गढ़ी कैंट में जनता को संबोधित करते हुए देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भी किया. संबोधन शुरू करने से पहले पीएम मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से माफी भी मांगी। दोस्तो पहले तो पीएम मोदी ने गढ़वाली और कुमाऊं भाषा ने उत्तराखंड की जनता का अभिवादन किया और उनसे माफी मांगी. पीएम मोदी ने कहा कि सबसे पहले तो देरी से आने के लिए क्षमा मांगते हैं। उत्तर प्रदेश और दिल्ली से वर्जुअली जुड़े लोगों से भी पीएम मोदी ने माफी मांगी और कहा कि मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा देर हो गई। पीएम मोदी ने कहा कि सब स्थानों पर लोगों को लंबे समय तक मेरा इंतजार करना पड़ा। पीएम मोदी ने बताया कि वो निकले तो समय पर थे, लेकिन 12 किमी लंबे रोड शो काली मंदिर से लेकर यहां तक लोगों का उत्साह और उमंग इतना था कि उनकी टीम के लिए तेज गति से गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया था। इसीलिए धीरे-धीरे जनता जर्नादन का अभिवानद और आशीर्वाद लेते हुए यहां तक पहुंचने में समय लग गया और एक घंटे से भी ज्यादा देर हो गई, इसके लिए मैं आपसे क्षमा मांगता हूं। दोस्तो एक तरफ उत्तराखंड को नई सौगात दी जा रही थी तो वहीं भविष्य के लिए विजन साफ तरकी से दिखाया जा रहा था। भूमिका शायद चुनवा की भी बनाई जा रही हो, लेकिन प्लान तो केंद्र से लेकर प्रदेश की सरकार का बड़ा है।
साथ ही विकास की नई परिभाषा देश के प्रधानमंत्री मोदी गढ गए, एक बार फिर कह दिया था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक का उत्तराखंड का दशक होगा और अब नए प्रोजेक्ट उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाले है। साथ ही दोस्तो पीएम मोदी ने डबल इंजन के जौर को बखूबी बताने की कोशिश की और साथ ही सड़क कनेक्टीवीटि ना होने पर परेशानी और आज कितना आया बल बदलाव। दोस्तो कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं उसका कितना फायदा अपने उत्तराखंड को मिल रहा है इसका आकलन आप लोग बेहतर तरीके से कर सकते हैं लेकिन क्या वाकई वो सब इतना आसान हो गया अपने उत्तराखंड में जो हमेशा से पहाड़ सी मुसीबत रहा है या अभी और जौर लगाने की जरूरत केन्द्र की सरकार को है और राज्य की सरकार को है लेकिन इतना तो जरूर है दोस्तो पीएम मोदी ने देहरादून से 6-लेन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर दिया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे करीब 1200 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। इस दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से देहरादून से दिल्ली के बीच की दूरी न सिर्फ कम होगी, बल्कि समय की भी काफी बचत होगी. पहले जहां दिल्ली से देहरादून के बीच मेरठ रुड़की और मुजफ्फनगर होते हुए छह से सात घंटे लगत थे, वहीं अब इसी रूट से ये समय घटकर 2.30 घंटे हो जाएगा। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का सबसे खास हिस्सा 12 किमी लंबा विशेष एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो राजाजी नेशनल पार्क से बीच से होकर गुजर रहा है। 12 लंबा विशेष एलिवेटेड कॉरिडोर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बनाया है। आप क्या कहेंगे इन सरकारी योजनाओं को लेकर कितना बदलाव आया है अब तकऔर आगे कितने बदलाव की उम्मीद की जा सकती है।