हरिद्वार में खाने-पीने की ठेलियों और दुकानों पर कुछ लोग जा रहे हैं। जहां-जहां बोर्ड या ठेली पर बिरयानी शब्द लिखा है, वहां वे विरोध दर्ज करा रहे हैं। उनका कहना है कि हरिद्वार धार्मिक नगरी है। बिरयानी शब्द सुनते ही लोगों को लगता है कि यहां नॉन-वेज बिक रहा है। इसलिए दुकानदार आगे से बिरयानी न लिखें, इसकी जगह वेज पुलाव या कोई अन्य उपयुक्त शब्द लिखें। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस विरोध का समर्थन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि बिरयानी अब आम बोलचाल और प्रचलन का हिस्सा है। यह एक डिश का नाम है, इसे लेकर इस तरह कदम उठाना उचित नहीं। उन्होंने कहा कि जो नाम भाषा और आम प्रचलन में है, उससे परहेज नहीं होना चाहिए। कुल मिलाकर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विरोध करने वालों को नसीहत दी है और उनके विरोध का समर्थन नहीं किया है।