उत्तरकाशी जिला अस्पताल में VIP सेवा पर सवाल! मरीजों से ज्यादा VIP को तवज्जो? | Uttarakhand News

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उत्तरकाशी के मुख्य जिला चिकित्सालय में वीआईपी कल्चर को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ग्राउंड रिपोर्ट और वीडियो के बाद स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों और तीमारदारों का आरोप है कि दूर-दराज के पर्वतीय क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले गरीब और आम मरीजों को ओपीडी और आपातकालीन वार्डों में घंटों इंतजार कराया जाता है, जबकि रसूखदार और वीआईपी लोगों को अस्पताल प्रशासन द्वारा बिना कतार के प्राथमिकता के आधार पर तुरंत स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इस कुप्रबंधन ने अस्पताल की निष्पक्षता और संवेदनशीलता को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह घटना उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये की एक और बानगी पेश करती है। उत्तरकाशी समेत पूरे पर्वतीय बेल्ट में पहले से ही विशेषज्ञ डॉक्टरों, जीवन रक्षक उपकरणों और फार्मासिस्टों की भारी कमी है, जिसके कारण गंभीर मरीजों को लगातार देहरादून या ऋषिकेश के लिए रेफर किया जाता है। ऐसे संकट के समय में भी अस्पताल के भीतर आम और खास के बीच किया जा रहा यह भेदभाव स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोलता है।