उत्तराखंड के पौड़ी जिले में गुलदार (तेंदुए) के बढ़ते आतंक और वन विभाग की लापरवाही के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। नागदेव रेंज के अंतर्गत तरुली-बछेली गांव में खेत में घास काट रही 48 वर्षीय बीना देवी पर घात लगाकर बैठे गुलदार ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। गुलदार महिला के गले को दबोचकर उन्हें जंगल की तरफ घसीटने लगा, जिसके बाद साथ में मौजूद अन्य महिलाओं के शोर मचाने पर वह भाग निकला। हालांकि, तब तक गंभीर रूप से घायल महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग पर सुस्त कार्यप्रणाली का आरोप लगाते हुए मृतका के शव को सड़क पर रखकर श्रीनगर-पौड़ी-कोटद्वार राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पिछले एक हफ्ते के भीतर गुलदार के हमलों की यह तीसरी बड़ी घटना है, लेकिन प्रशासन बार-बार की अपीलों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। हाईवे पर बढ़ते बवाल और उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और वन विभाग के उच्च अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराने के लिए गुलदार को आदमखोर घोषित करने और उसे देखते ही गोली मारने (शूट-एट-साइट) के आदेश जारी होने की आधिकारिक जानकारी दी। इसके साथ ही पीड़ित परिवार के इकलौते बेटे को सरकारी नौकरी और उचित वित्तीय मुआवजा देने के लिखित आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने घंटों से बंद पड़े हाईवे को खोला। फिलहाल पूरे इलाके में पिंजरे लगा दिए गए हैं और वन विभाग की टीमें शूटरों के साथ आदमखोर गुलदार की तलाश में जुटी हैं।