Dehradun में चोरी का अजीबोगरीब मामला! | Mobile Theft | Police | Viral Video | Uttarakhand News

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दोस्तो, आपने फोन चोरी होने की खबर तो बहुत सुनी होगी, लेकिन देहरादून से चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे—चोर है या फोन का टेक्निकल सपोर्ट?पहले मोबाइल चुराया और अब उसी चोर ने फोन के मालिक को मैसेज भेजकर उसका पासवर्ड ही मांग लिया!सोशल मीडिया पर पीड़ित ने अपनी आपबीती शेयर की, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। सवाल ये है कि चोरी किया हुआ फोन अनलॉक करने के लिए चोर को पासवर्ड चाहिए क्यों और इतनी बेफिक्री से पासवर्ड मांगने की हिम्मत आखिर कहां से आई?देहरादून के इस अजीबोगरीब चोरी के मामले की पूरी कहानी। दोस्तो चोरों के हौसले बुलंद होने की खबरें तो आपने रोज़ सुनी होंगी, लेकिन क्या आपने कभी किसी ऐसे दुस्साहसी चोर के बारे में सुना है जो पहले आपका कीमती आईफोन चुराए और फिर सीना ठोककर आपको मैसेज करे कि—‘ज़रा अपने फोन का पासवर्ड तो बताना!’ जी हां, देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक ऐसा अजीबोगरीब और सिरफिरा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ लोगों को सन्न कर दिया है, बल्कि उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी बहुत गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं! जहां डिजिटल इंडिया में चोर हाईटेक होकर पीड़ितों को सीधे व्हाट्सऐप पर धमकियां और मैसेज भेज रहे हैं, वहीं हमारी खाकी सीसीटीवी फुटेज हाथ में होने के बावजूद हाथ पर हाथ धरे बैठी है! क्या है इस अजब-गजब चोरी का पूरा सच?

पहले सुनिए ये मामला है क्या, दोस्तो यह पूरा सनसनीखेज मामला देहरादून के क्लेमेंट टाउन थाना क्षेत्र के सनशाइन एन्क्लेव का है. यहाँ रहने वाली कौशिकी ध्यानी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो रील पोस्ट कर उत्तराखंड पुलिस के ढीले रवैये को बेनकाब किया है. घटना बीते 12 सितंबर की है। सुबह के समय जब फ्लैट का दरवाज़ा खुला था, तब शातिर चोरों ने कमरे के अंदर घुसकर कौशिकी और उनके दोस्त के भाई सक्षम नेगी का कीमती आईफोन-15 और मैकबुक लैपटॉप समेत लाखों का सामान उड़ा लिया। पीड़ित परिवार ने जब बिल्डिंग के सीसीटीवी (CCTV) कैमरे खंगाले, तो उसमें दो संदिग्ध साफ-साफ चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए दिखाई दे रहे थे, लेकिन असली तमाशा तो चोरी के बाद शुरू हुआ! दोस्तो चोरी करने के बाद इन चोरों का दुस्साहस देखिए! चोरों को जब समझ आया कि बिना पासवर्ड के आईफोन महज़ एक डब्बा है, तो उन्होंने शातिर दिमाग लगाया। चोरों ने पीड़ित परिवार के नंबरों का पता लगाया और सीधे व्हाट्सऐप और एसएमएस (SMS) के ज़रिए मैसेजेस भेजकर फोन का पासवर्ड मांगना शुरू कर दिया! चोर लगातार पीड़िता को परेशान कर रहा है, आईडी-पासवर्ड के लिए दबाव बना रहा है. यानी एक तरफ पीड़ित का लाखों का फोन चोरी हो चुका है और दूसरी तरफ वही चोर बिना किसी खौफ के पीड़ित को मैसेज पर मैसेज ठोक रहा है। चोर को इस बात का रत्ती भर भी डर नहीं है कि उसका नंबर ट्रेस हो सकता है या पुलिस उसे दबोच सकती है!

दोस्तो चोर की इस दबंगई के पीछे सबसे बड़ी वजह है पुलिस की बेरुखी और ढीली कार्रवाई! पीड़िता कौशिकी का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस को तहरीर दी, दोनों संदिग्ध चोरों के साफ सीसीटीवी फुटेज सौंपे, यहाँ तक कि चोरों द्वारा भेजे जा रहे मैसेजेस के सबूत भी दिए। इसके बावजूद क्लेमेंट टाउन पुलिस दिनों तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया। हद तो तब हो गई जब कार्रवाई न होने से चोरों के हौसले इतने बढ़ गए कि उन्होंने ठीक 4 दिन बाद यानी 16 सितंबर को उसी इलाके में चोरी की एक और बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला! स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लगातार चोरियां हो रही हैं, लेकिन पुलिस कुंभकर्णी नींद सोई हुई है। दोस्तो जब पीड़ित लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर बुरी तरह वायरल हुआ और जनता का गुस्सा फूट पड़ा, तब जाकर दून पुलिस की नींद टूटी. पुलिस ने सफाई देते हुए कहा है कि शुरुआत में शिकायतकर्ता के पास मोबाइल का आईएमईआई (IMEI) नंबर नहीं था, जिसे बाद में उपलब्ध कराया गया और अब फोन को CEIR पोर्टल पर ब्लॉक व ट्रेसिंग पर डाल दिया गया है, लेकिन सवाल वही है—जब सीसीटीवी में चोरों के चेहरे साफ़ थे, जब वो लगातार लाइव मैसेजेस भेज रहे थे, तो पुलिस ने तुरंत जाल बिछाकर उन्हें दबोचा क्यों नहीं? क्या देहरादून की कानून व्यवस्था सिर्फ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ही जागेगी? इस अनोखे चोर और पुलिस की इस सुस्ती पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं!