कैंची धाम में जाम से मिलेगी मुक्ति? सरकार का क्या है मास्टर प्लान! | Uttarakhand News

Spread the love

कैंची धाम में वीकेंड पर उमड़ी 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर लगे भीषण जाम के बाद, उत्तराखंड शासन और नैनीताल जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और एसएसपी की उच्च स्तरीय बैठक में चारधाम यात्रा की तर्ज पर कैंची धाम के लिए भी अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था (रजिस्ट्रेशन) लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत शुरुआती तौर पर सप्ताहांत (वीकेंड) के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने के लिए रोज़ाना 20,000 से 25,000 की दैनिक सीमा (मैनेजेबल कैप) तय करने का प्रस्ताव है, जिससे प्रशासन के पास आने वाले पर्यटकों का सटीक पूर्वानुमान रहेगा और मंदिर परिसर में भीड़ का सुचारू प्रबंधन हो सकेगा।

इस प्रशासनिक बदलाव के साथ ही हाईवे को जाम मुक्त करने के लिए बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास पर भी युद्धस्तर पर काम चल रहा है। मुख्य मंदिर मार्ग पर वाहनों के दबाव को कम करने के लिए भवाली सैनिटोरियम से रातिघाट तक बन रहे 18.15 किलोमीटर लंबे कैंची धाम बाईपास के पहले चरण का डामरीकरण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, रातिघाट में 74.15 मीटर लंबे पक्के मोटर मार्ग पुल के साथ-साथ शिप्रा नदी पर यातायात को तुरंत गति देने के लिए एक अस्थाई वैली ब्रिज भी चालू किया जा रहा है। धाम के नजदीक वाहनों के बेतरतीब ठहराव को रोकने के लिए प्रशासन 600 वाहनों की क्षमता वाले 8 मंजिला आधुनिक पार्किंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर रहा है, जिसके पूरा होने के बाद बाहरी क्षेत्रों जैसे काठगोदाम और भवाली से केवल विशेष शटल बसों के जरिए ही श्रद्धालुओं को मंदिर तक लाया जाएगा।