दोस्तो क्या केदारनाथ यात्रा से लौटते वक्त ट्रेन से गायब हुई महिला का आखिरकार पता चल गया है? क्या ये मामला अपहरण का था, हादसे का था या फिर इसके पीछे कोई और ही कहानी छिपी थी?और आखिर कानपुर की प्रज्ञा सिंह 6 दिनों तक कहां गायब रहीं? बताउँगा आपको पूरी खबर केदारनाथ यात्रा से लौटते वक्त रहस्यमयी तरीके से गायब महिला का सच आया सामने! दोस्तो नंदा देवी एक्सप्रेस से रहस्यमयी तरीके से लापता हुई प्रज्ञा सिंह की मिसिंग मिस्ट्री अब सुलझ गई है.. दोस्तो जिस घटना ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस तक में हड़कंप मचा दिया था। अब उसी मामले में खुद प्रज्ञा ने ऐसा खुलासा किया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। बताया जा रहा है कि केदारनाथ यात्रा से लौटते समय ट्रेन में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर जोरदार झगड़ा हुआ और गुस्से में प्रज्ञा रात के अंधेरे में ट्रेन से उतर गईं इसके बाद बिना टिकट दूसरी ट्रेन में बैठीं और सीधे बिहार के बेगूसराय पहुंच गईं। बताउंगा आपको आखिर उस रात ट्रेन में क्या हुआ था? कैसे 6 दिन तक परिवार और पुलिस परेशान रहे? और प्रज्ञा ने पुलिस पूछताछ में क्या-क्या खुलासे किए? दोस्तो खबर कुछ ऐसी है कि केदारनाथ की यात्रा से लौटते समय नंदा देवी एक्सप्रेस से रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हुई कानपुर की प्रज्ञा सिंह सुरक्षित मिल गई हैं। 5 मई की आधी रात को ट्रेन से लापता हुई प्रज्ञा 6 दिन बाद बिहार के बेगूसराय में बरामद हुईं। इस घटना ने उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस तक में हड़कंप मचा दिया था। अब प्रज्ञा ने खुद पुलिस के सामने खुलासा किया है कि आखिर वह बेगूसराय कैसे पहुंचीं और उस रात ट्रेन में क्या हुआ था। दोस्तो लक्सर एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के अनुसार, प्रज्ञा की बरामदगी के बाद जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला है। शुरुआती जांच में अपहरण या किसी हादसे की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन प्रज्ञा ने बताया कि ट्रेन में सफर के दौरान उसका अपने पति मनीष से किसी बात को लेकर तीखा झगड़ा हुआ था।
दोस्तो तो क्या अनबन इतनी बढ़ गई कि प्रज्ञा ने गुस्से में मनीष को सबक सिखाने का फैसला कर लिया और जब मनीष अपनी सीट पर सो गया, तो प्रज्ञा चुपचाप ट्रेन से नीचे उतर गई। गुस्से में उसने यह भी नहीं देखा कि वह किस स्टेशन पर है और कौन सी ट्रेन कहां जा रही है, दोस्तो पुलिस पूछताछ में प्रज्ञा ने बताया कि वह स्टेशन पर खड़ी एक दूसरी ट्रेन में बिना टिकट ही चढ़ गई थी. उसे उस वक्त यह अंदाजा भी नहीं था कि यह ट्रेन उसे सीधे बिहार ले जाएगी, जब वह बिहार के बेगूसराय पहुंची, तब उसे अपनी स्थिति का एहसास हुआ।वहां पहुंचने के बाद उसने अपनी मां को फोन किया और जानकारी दी कि वह सही-सलामत है, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से उसे लोकेट किया। दोस्तो घटना 5 मई की रात की है जब प्रज्ञा और मनीष केदारनाथ दर्शन के बाद नंदा देवी एक्सप्रेस से गाजियाबाद लौट रहे थे. मनीष के मुताबिक, हरिद्वार स्टेशन तक सब कुछ सामान्य था। मुजफ्फरनगर के पास जब मनीष की आंख खुली तो प्रज्ञा गायब थी। काफी देर तक जब वह सीट पर नहीं लौटी, तो मनीष ने पूरे डिब्बे और वॉशरूम में तलाशी ली। प्रज्ञा का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था, जिसके बाद रुड़की कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। दोस्तो जांच के दौरान पुलिस को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मनीष ने आरोप लगाया था कि रुड़की और मुजफ्फरनगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इस वजह से यह पता लगाना मुश्किल हो गया था कि प्रज्ञा किसी के साथ गई है, खुद उतरी है या उसके साथ कोई हादसा हुआ है। पुलिस ने रेलवे ट्रैक पर कई किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन भी चलाया था। दोस्तो पुलिस ने प्रज्ञा को बरामद करने के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया है. वह अभी कानपुर स्थित अपने घर पर है। पुलिस का कहना है कि यह मामला पूरी तरह से पारिवारिक विवाद और गुस्से में उठाए गए कदम का है। इस घटना के सुखद अंत के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है, हालांकि रेलवे की सुरक्षा और सीसीटीवी के काम न करने पर सवाल अब भी बरकरार हैं। दोस्तो, इस पूरी घटना का अंत भले ही सुखद रहा हो लेकिन इसने कई बड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं।एक तरफ पति-पत्नी के बीच हुए मामूली विवाद ने पूरे परिवार और पुलिस प्रशासन को 6 दिनों तक परेशान रखा, तो दूसरी तरफ रेलवे स्टेशनों पर बंद पड़े CCTV कैमरों ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोल दी। अगर प्रज्ञा सुरक्षित नहीं मिलतीं तो ये मामला कितना गंभीर रूप ले सकता था।फिलहाल पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह कोई अपहरण या आपराधिक घटना नहीं बल्कि पारिवारिक विवाद के बाद गुस्से में उठाया गया कदम था।हालांकि अब परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस घटना ने ये जरूर बता दिया कि गुस्से में लिया गया एक फैसला कभी-कभी कितनी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है।फिलहाल इस खबर में इतना ही आप इस पूरे मामले को किस नजर से देखते हैं, हमें कमेंट करके जरूर बताइए।