देहरादून: राष्ट्रपति चुनाव को लेकर प्रदेश में क्रास वोटिंग से कांग्रेस के भीतर खलबली मची है। सेंधमारी के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने विधायकों को मन टटोलना शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी, इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा इस मामले को लेकर दिल्ली दरबार में जाएंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली में यहां की वर्तमान परिस्थितियों, क्रॉस वोटिंग, संगठन को मजबूती जैसे विषयों पर विचार विमर्श किया जाएगा।
पीसीसी चीफ करण माहरा ने साफ किया है कि राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस की ओर से की गई क्रॉस वोटिंग दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पार्टी स्तर पर विधायकों पर नजर रखी जा रही है और आज नहीं तो कल इसका पता चल ही जाएगा कि किसने क्रॉस वोटिंग की। वहीं इस मामले को लेकर करण माहरा शीघ्र ही दिल्ली जा रहे हैं। करण माहरा और यशपाल आर्य ने कहा कि क्रॉस वोटिंग दुर्भाग्यपूर्ण है और जिस भी विधायक ने ऐसा किया है, उसने पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने कहा था कि आलाकमान को रिपोर्ट दे दी गई है।
बता दे कि, राष्ट्रपति पद की एनडीए प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू को प्रदेश से 51 विधायकों के मत प्राप्त हुए हैं। कांग्रेस के दो विधायकों को छोड़ा जाए तो 17 विधायकों ने मतदान में भाग लिया। वहीं भाजपा के 46 विधायकों ने मतदान किया। द्रौपदी मुर्मू के समर्थन में बसपा के दो और दो निर्दलीय विधायकों ने भी मतदान किया। यह आंकड़ा 50 हो रहा है। मुर्मू को 51 यानी एक मत अधिक पड़ा, जबकि एक मत खराब हो गया। ये दोनों ही मत कांग्रेस विधायकों के माने जा रहे हैं। इसमें भी एक विधायक के क्रास वोटिंग करने से कांग्रेस में हड़कंप है।