जी हां दोस्तो उत्तराखंड में फिर एक गुमशुदगी ने हड़कंप मचाया है, दयारा बुग्याल के बाद अब फूलों की घाटी में सैलानी के लापता होने से खलबली मची है। सवाल उठने लगा है ये हो क्या रहा है। इधर सुराग खंघलने में जुी है एसडीआरएफ क्या उत्तराखंड के पहाड़ों में छिपा है कोई ऐसा रहस्य, जो लगातार लोगों को अपने आगोश में ले रहा है? पहले उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल से ट्रैकर बबीता पांडे रहस्यमय तरीके से लापता हो जाती हैं और अब विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी से एक और सैलानी के गायब होने की खबर सामने आई है। आखिर ये महज संयोग है या फिर पहाड़ों की दुर्गम वादियों में कोई ऐसी चुनौती छिपी है, जो लोगों को लापता होने पर मजबूर कर रही है? दोस्तो दो अलग-अलग जगहें, दो अलग-अलग लोग, लेकिन कहानी एक जैसी, गुमशुदगी और अनसुलझे सवाल। आखिर कहां गायब हो रहे हैं सैलानी? क्या कहती हैं रेस्क्यू एजेंसियां और जांच में जुटी टीमें? इस रहस्यमयी गुमशुदगी की पूरी कहानी, बताता हूं आपको। दोस्तो खबर चमोली से आई है, दोस्तो विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी क्षेत्र से हरियाणा के एक पर्यटक के लापता होने खबर है और इस खबर के बाद तो प्रशासनिक लोगों के एकबार के लिए हथ पैर फूलते दिखाई दिए। SDRF, जिला पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने व्यापक खोज अभियान शुरू कर दी है।
दोस्तो दयारा बुग्याल में हाल ही में हुई लापता पर्यटक की घटना के बाद यह दूसरा मामला सामने आने से प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। दोस्तो उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के लापता होने की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। हाल ही में उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल क्षेत्र में बबीता पांडे के लापता होने की घटना के बाद अब चमोली जिले की विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी से हरियाणा का एक पर्यटक लापता है। घटना के बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं.दोस्तो जानकारी के अनुसार विश्व धरोहर के रूप में प्रसिद्ध फूलों की घाटी क्षेत्र में भ्रमण के दौरान एक यात्री अचानक लापता हो गया। जैसे ही इसकी सूचना प्रशासन तक पहुंची, संबंधित विभागों ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), जिला पुलिस और वन विभाग की टीमों को मौके पर रवाना किया। इधर दोस्तो लापता यात्री की तलाश के लिए SDRF की प्रशिक्षित टीमों ने व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। जिला पुलिस और वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर विभिन्न संभावित क्षेत्रों में गहन खोजबीन की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार खोज अभियान में आधुनिक उपकरणों और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द लापता व्यक्ति का पता लगाया जा सके। दोस्तो फूलों की घाटी का क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए भी जाना जाता है। ऊंचे पहाड़, घने जंगल और संकरे ट्रैक सर्च ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं। इसके बावजूद SDRF के जवान संभावित सभी मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार खोज अभियान चला रहे हैं। टीमों को उम्मीद है कि जल्द ही कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है, लेकिन कब तक ये फूलों की घाटी वाला सर्च ऑपरेशन चलेगा इसके बारे में अभी भी सवाल ही हैं जैसा कि बबीता पांडे के गायब होने पर। दोस्तो उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल क्षेत्र में हाल ही में एक युवती के लापता होने की घटना ने पूरे प्रदेश का ध्यान खींचा था। अब फूलों की घाटी में एक और पर्यटक के गायब होने की खबर ने पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। दोस्तो जानकारों की माने दो पहाड़ी और वन क्षेत्रों में भ्रमण करने वाले पर्यटकों को निर्धारित मार्गों का पालन करना चाहिए और समूह से अलग नहीं होना चाहिए। इधर प्रशासन ने कहा है कि सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं और लापता यात्री का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल खोज एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही लापता पर्यटक का सुरक्षित पता लगा लिया जाएगा और इस मामले से जुड़ी अधिक जानकारी सामने आएगी, लेकिन सवाल ये कि आखिर उत्तराखंड के बेहद खूबसूसरत दिखने वाले इन जंगलों के अंदर वो कौन सा खतरा बैठा है जो लोगों को सीधे गायब कर रहा, ये इसलिए क्योंकि किसी हादसे को लेकर कोई सुराग तक नहीं मिल रहा ये बड़ी हैरानी वाली बात है।