Babita Pandey केस आ चुका है नया मोड़!| Uttarkashi | Dayara Bugyal | Uttarakhand News

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दोस्तो क्या बबीता पांडे दयारा बुग्याल में है ही नहीं? बबीता पांडे को गायब हुए दो हफ्ते हो चुके हैं, लगातार तलाश, सैकड़ों जवानों का सर्च ऑपरेशन, ड्रोन, हेलीकॉप्टर और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो अब खुद परिवार भी मानने लगा है कि बबीता शायद उस इलाके में नहीं है, लेकिन अगर बबीता दयारा बुग्याल में नहीं है, तो फिर आखिर वह कहां गई? क्या वह किसी हादसे का शिकार हुई, या फिर उसके गायब होने के पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है? जिस पर अब जांच की सूई जाती दिखाई दे रही है। दोस्तो कैसे परिवार ने भी मान लिया कि अब बबीता पांडे दयारा बुग्याल में नहीं। दोस्तो अब तो बबीता पांडे का परिवार भी दावा कर रहा है कि जिस इलाके को एजेंसियां पूरी तरह खंगाल चुकी हैं, वहां बबीता के होने की संभावना अब बेहद कम है। ऐसे में जांच का फोकस अब किन नए पहलुओं पर है? और क्यों बबीता की गुमशुदगी का मामला हर गुजरते दिन के साथ और रहस्यमय होता जा रहा है? तो क्या दोस्तो अब बबीता केस अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां सवाल ज्यादा हैं और जवाब अब भी गायब। बबीता पांडे की तरह जवाब भी नहीं मिल रहे हैं। दोस्तो दो हफ्ते हो गए और इस दौरान बबीता पांडे का कोई अता-पता नहीं, बबीता पांडे के घर वाले परेशान है। ऐसे में घर वालों का कहना है कि अगर वह नहीं मिल पा रही तो यह जांच जो है सीबीआई को सौंप देनी चाहिए। इस बारे में मैंने उनके भाई से बात की और उनसे सीधे सवाल किए उन्हें किस पर शक है? वो क्यों चाहते हैं कि सीबीआई की जांच हो? परिवार कहता है खास कर बबीता के भाई कहते हैं फिर वो चचेरे भाई पंकज पांडे हो या बबीता के खुद के भाई हर्षित वो कहते हैं कि हम पूरी टीम ले एक एक कोना कोना हमने देख लिया है उस हिसाब से जिस हिसाब से हमें वहां के जो इंस्पेक्टर साहब है एसएओ है वहां के दीपक नोटियाल सर उन्होंने बताया कि वहां पे ऐसा कुछ भी सबूत नहीं मिल पा रहा है जिसकी वजह से हम वहां पे तलाश करें वहां पे जंगल में कुछ भी ऐसा नहीं मिल पाया इससे वो यह श्योर हो रखे हैं कि उस जंगल में ऐसा कुछ भी सबूत नहीं है।

दोस्तो सर्च ऑपरेशन में कुछ नहीं मिलने की वजह से बबीता वहां खोई होगी ऐसा नहीं लगता है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि वहां उस ट्रैकिंग पे 65 लोग थे और 1520 लोग लोकल के थे और 810 लोग गाइड थे। इनके अलावा वहां पर कोई मौजूद नहीं था तो इनको कुछ नहीं पता था। ऐसा कैसे हो सकता है और सब ने ये बोला कि हम सो गए थे जल्दी, क्या अकेली बबीता बाहर से बैठी थी और बाकी सब लोग कैसे सो गए थे? परिवार इसको लेकर शक कर रहा है। दोस्तो एक सवाल आप सब ने भी किया कमेंट के जरिए कि परिवार सबसे पहले बबीता के गायब होने की जानकारी किसने दी या फिर किसने फोन किया? इस बारे में जानकारी निकल कर आई वो ये कि बबीता गुमशुदगी को लेकर जो साथ में गए दो लड़के उनमं से एक ने बबीता की दोस्त को बताया और फिर उस दोस्तो ने परिवार को कॉल करा कि आपकी लड़की गुम हो गई है। दोस्तो साथ ही ये भी बात निकल कर सामने आ रही है कि बबीता के साथ ट्रेकिंग पर गए दोनों लड़को हरपाल और हरमप्रीत को बबीता का परिवार पहले से नहीं जाता था। इस मामले में परिवार कहता है है कि इन दो दोस्तो के अलावा एक और दोस्त की एंट्री दयारा में हुई। अब वो तीसार दोस्त कौन है या तीसरा कौन है उसके बारे में क्यों कोई बात नहीं कर रहा है। दोस्तो परिवार का कहना कि हम तो दोनों में से किसी को नहीं जानते थे। अब पता नहीं वो तीसरा लड़का कहां से आया। बबीता एक को जानती थी। दो महीने से उसने हमें हमें नहीं बताया था। वो शादी में मिले थे। एक इनकी दोस्त निशा है। उसने इनको मिलवाया था।

ऐसे में दोस्तो आपके मन में सवाल भी आएगा कि अच्छा तो ये जो ये एक सेम कॉलेज या सेम स्कूल में पढे होंगे लेकिन ऐसा भी कुछ नहीं जहां दोस्तो बबीता की दोस्तो निशा कजिन की शादी थी। उसमें गई थी। वहां इनकी हल्कीफुल्की बातचीत हुई थी। और उसके बाद से इनकी बात स्टार्ट थी। दोस्तो परिवार भी कहता है कि इतनी जल्दी इसने पता नहीं उसके ऊपर ट्रस्ट कैसे कर लिया और अचानक से इनका प्लान बना घूमने का और ये वहां दयारा भोग्याल चला गए। दोस्तो यहां एक चौकाने वाली बात ये भी निकल कर आ रही है कि बबीता की मुलाकात हरमनपाल से एक शादी में हुई दो महीने पहले ही हुई थी इससे पहले कहीं ट्रिप में नहीं गए थे पहली बार ट्रिप में गए बबीता बिना बताए कुछ अपनी सहेलियों का नाम लेकर उनके साथ चली गई थी, तो फिर ऐसा क्या कारण था कि बबीता ने हरमनपाल और हरमनप्रीत के साथ जाने की बात क्यों घर वालों को नहीं बताया। परिवार ये खुलासा कर रहा है कि जो दयारा बुग्याल में बिना परमिट के जाने की बात सामने आ रही है वो भी सच है। दोस्तो इसमें चौकाने वाली बात ये कि बबीता पांडे के खुमने वाले प्लान में दयारा बुग्याल ट्रैक पर जाना था ही नहीं, लेकिन ये प्लान अचानक से बना जिसको लेकर गलत तरह से कागज बनाए गए और पूराने कागज को टैंपर कर इन लोगों को दयारा बुग्याल ट्रैक पर भेजा गया ऐसी ना जाने कितनी बाते अब इस पूरे केस में निकल कर आ रही है। लेकिन सवाल तो अभी भी वहीं है कि बबीता पांडे कहां गई। तो दोस्तों, बबीता पांडे की गुमशुदगी का यह मामला हर गुजरते दिन के साथ और उलझता जा रहा है। जिस दयारा बुग्याल को सैकड़ों जवान, ड्रोन, हेलीकॉप्टर और आधुनिक तकनीकों की मदद से खंगाला जा चुका है, वहां से अब तक कोई ऐसा सबूत नहीं मिला जो बबीता तक पहुंचा सके।परिवार का कहना है कि अगर बबीता वहां नहीं है, तो फिर आखिर वह कहां है? ट्रेक पर मौजूद लोगों से लेकर अचानक बने ट्रिप प्लान तक, कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अभी भी जांच एजेंसियों को तलाशने हैं। वहीं परिवार लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है और उनका मानना है कि इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए अब और गहन जांच की जरूरत है।लेकिन सबसे बड़ा सवाल आज भी वही है। 29 मई की उस रात आखिर क्या हुआ था?बबीता पांडे कहां गईक्या वह किसी हादसे का शिकार हुई, या फिर उसके गायब होने के पीछे कोई ऐसी सच्चाई छिपी है जो अभी सामने आना बाकी है?फिलहाल इन सवालों के जवाब किसी के पास नहीं हैं। हम भी यही उम्मीद करते हैं कि बबीता जल्द से जल्द सकुशल मिले और उसके परिवार को इस दर्द और इंतजार से राहत मिले।इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि जांच किसी नए मोड़ पर पहुंच चुकी है? अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।