Udham Singh Nagar क्यों ठाकुर मंदिर बना जंग का मैदान? | Jaspur | Political Clash | Uttarakhand News

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मूर्ति स्थापना को लेकर आखिर क्यों उत्तराखंड का एक शांत इलाका अचानक जंग के मैदान में बदल गया? क्या वजह रही कि दो दिग्गज नेताओं के बीच टकराव इतना बढ़ गया कि समर्थक भी आमने-सामने आ गए?ठाकुर मंदिर के सामने आखिर ऐसा क्या हुआ कि माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया? पूरी खबर मेरी इस रिपोर्ट में किकैसे एक फैसले ने पूरे इलाके में हंगामे की स्थिति पैदा कर दी। दोस्तो मै आपको बताउंगा कि कैसे और क्यों एक मंदिर ही बन गया जंग-ए-मैदान। क्यों भिड़े दो दिग्गज नेता, उससे पहले कुछ तस्वीरें दिखाना चाहता हूं। दोस्तो ये तस्वीर जो आप देख रहे हैं ये उधम सिंह नगर के जसपुर की हैं यहां मूर्ति स्थापना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ठाकुर मंदिर के सामने रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति लगाने को लेकर कांग्रेस विधायक आदेश चौहान और बीजेपी के पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल के समर्थक आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर हंगामा और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में किया। दोस्तो जसपुर क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब ठाकुर मंदिर के सामने मूर्ति लगाने को लेकर दो राजनीतिक गुट आमने-सामने आ गए। जिसमें कहा ये गया कि कांग्रेस विधायक आदेश चौहान अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति स्थापित करने के लिए वहां लगी टाइल्स हटवाने लगे।

इस दौरान स्थानीय दुकानदारों और क्षेत्रीय लोगों ने इसका विरोध किया और इसकी इसकी जानकारी बीजेपी नेता और पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल को दी, तो फिर क्या था फिर हो गया बवाल। दोस्तो जानकारी मिलते ही सिंघल अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने इस कार्य का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया. मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। दोस्तो पूर्व विधायक पर आरोप भी लगाया कि कोर्ट में एक झूठी रिपोर्ट देकर एक बाजार खाली करा दिया वंहा पार्किंग का अड्डा बना दिया इसी तरह डेरिया में उसकी लेंड यूज़ चेंज कराकर हाईकोर्ट से आदेश करा दिए जबकि सुप्रीम कोर्ट जाकर उनके द्वारा रुकवाया गया उनका ये चाल चरित्र है। दोस्तो हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर फिलहाल मूर्ति स्थापना का कार्य रुकवा दिया है।

विधायक आदेश चौहान का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से महिलाओं और ब्राह्मण समाज की मांग रही है कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति स्थापित की जाए, साथ ही ये भी यह स्थान पहले अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है और इसके लिए प्रशासन को प्रस्ताव भी भेजा गया था। उनका कहना है कि महिलाओं के सम्मान के लिए यह कदम उठाया जा रहा है, लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल ने आरोप लगाया कि बिना प्रशासनिक अनुमति के जबरन निर्माण कार्य किया जा रहा था. उनका कहना है कि क्षेत्र के कई लोग वहां महाराज अग्रसेन की मूर्ति स्थापित करना चाहते हैं और इस संबंध में जिलाधिकारी को आवेदन भी दिया गया है, जिस पर अभी निर्णय बाकी है। दोस्तो सिंघल ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक अपने समर्थकों के साथ जबरदस्ती प्लेटफॉर्म बनवाने का प्रयास कर रहे थे, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासन को सभी पक्षों की राय लेकर निर्णय लेना चाहिए.लेकिन इस पूरे मामले पर आदेश चौहान ने क्या कहा वो भी आपको दिखा रहा हूं। विधायक जसपुर (मुछों वाला है) दोस्तो हंगामा बड़ा हुआ है फिलहाल पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के चलते स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है और सभी पक्षों से बातचीत के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है, तो जसपुर में मूर्ति स्थापना को लेकर उपजा यह विवाद अब बड़ा सियासी और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है। एक तरफ जहां विधायक विकास और सम्मान की बात कर रहे हैं, तो वहीं पूर्व विधायक और स्थानीय लोग नियमों और प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहे हैं। मामला धक्का-मुक्की और हंगामे तक पहुंचने के बाद अब प्रशासन के हाथों में है, जो सभी पक्षों से बातचीत कर अंतिम निर्णय लेने की बात कह रहा है। अब देखना होगा कि यह विवाद किस दिशा में जाता है और क्या आने वाले समय में इस तरह के टकराव पर पूरी तरह रोक लग पाएगी या नहीं।