उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू (H1N1) का संक्रमण अब तेजी से पैर पसार रहा है। राज्य में लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। Swine flu in Uttarakhand ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है, जबकि इस खतरनाक वायरस के कारण अब तक 5 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जिन मरीजों की मौत हुई है, वे स्वाइन फ्लू के साथ-साथ पहले से ही अन्य गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित थे। चिंता की बात यह है कि राज्य के कुल मामलों में से अकेले देहरादून जिले में ही 52 मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे यह क्षेत्र इस समय संक्रमण का मुख्य केंद्र बन चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश, मौसम में उतार-चढ़ाव और हवा में भारी नमी के कारण वायरस को फैलने का अनुकूल माहौल मिल रहा है। दोहरे खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य विभाग को डेंगू और स्वाइन फ्लू दोनों से निपटने के लिए चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट पर रहने को कहा है। दून मेडिकल कॉलेज और कोरोनेशन अस्पताल समेत प्रमुख सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए 10-10 बेड के विशेष आइसोलेशन वार्ड आरक्षित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, अस्पतालों को जीवन रक्षक दवाओं, मास्क और वीटीएम किट का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित इलाकों में रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं, जो संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर रही हैं। महामारी के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता के लिए एक विशेष स्वास्थ्य परामर्श (Advisory) जारी किया है। जनता से अपील की गई है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करें। यदि किसी को तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपनी जांच करवाएं। इसके अलावा, बार-बार हाथ धोने, खांसते समय मुंह ढकने और सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने की सख्त हिदायत दी गई है।