जी हां दोस्तो एक साल, 365 दिन और हर दिन सिर्फ एक इंतजार। एक ऐसी मां का इंतजार, जिसकी बेटी पिछले एक साल से लापता है। वक्त गुजरता गया, मौसम बदलते गए, लेकिन मां की उम्मीद आज भी नहीं टूट, आज भी उसे यकीन है कि उसकी बेटी कहीं न कहीं जिंदा है और एक दिन जरूर लौटेगी। आखिर कौन है यह मां? क्या है उसकी बेटी के लापता होने की कहानी? और क्यों आज भी उसे अपनी बेटी के लौटने का इंतजार है? चलिए बबीता की कहानी के साथ एक और कहानी, लेकिन इस कहानी में सिस्टम की बड़ी लपरवाही। दोस्तों, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि बौखनाग देवता के दरबार में पहुंची महिला दयारा से लापता बबीता पांडे की मां है, लेकिन अब इस वायरल वीडियो की सच्चाई सामने आ गई है। कैमरे पर उस मां ने खुद पूरी कहानी बताई है। बताया है कि वह कौन है, उसकी बेटी के साथ क्या हुआ और क्यों एक साल बाद भी वह अपनी बेटी की तलाश में दर-दर भटक रही है। इतना ही नहीं, इस मां ने प्रशासन और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए है। दोस्तो सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला स्थानीय देवता के सामने अपनी बेटी के बारे में जानकारी मांगती नजर आ रही है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा था कि यह महिला बबिता पांडे की मां हैं, हालांकि पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ है।
दोस्तो जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में दिखाई दे रही महिला बाबिता पांडे की मां नहीं, बल्कि भविका शर्मा की मां हैं। जी हां दोस्तो जो भविका शर्मा 11 साल की थी और 23 जून 2025 में यमुनोत्री मार्ग पर हुए भूस्खलन हादसे के बाद लापता हो गई थी। उस समय हादसे के दौरान पांच लोग भूस्खलन की चपेट में आए थे, जिनमें दिल्ली निवासी भविका शर्मा भी शामिल थी। दोस्तो 23 जून 2025 को हुई दुर्घटना के बाद भाविका का कोई पता नहीं चला, परिवार का कहना है कि एक साल बीत जाने के बावजूद वे अपनी बेटी की तलाश में जुटे हुए हैं और आज भी उन्हें उम्मीद है कि उनकी बेटी जीवित हो सकती है। परिजनों के अनुसार हादसे के बाद पुलिस ने एक पैर मिलने के आधार पर भविका को मृत मान लिया था। हालांकि परिवार इस निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं है और लगातार अपनी बेटी की तलाश कर रहा है। दोस्तो भाविका के परिजन प्रशासन, पुलिस और अन्य माध्यमों से बेटी का पता लगाने की कोशिशों में लगे हुए हैं। इसी बीच हाल ही में एक वीडियो सामने आया था। जिसमें भाविका की मां बौखनाग देवता से अपनी बच्ची के लिए जानकारी मांगती नजर आ रही है। अब भाविका की मां ने खुद मीडिया के सामने आकर इसका खंडन किया है। इतना ही नहीं दोस्तो भाविका के परिजनों ने बताया कि पुलिस की ओर से उन्हें बेटी के लापता होने के 55 दिनों बाद एक DNA रिपोर्ट थमा दी जाती है। जिस पर परिजनों ने सवाल उठाते हुए जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर चिंताएं जताई हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें अभी भी कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि वीडियो का संबंध बाबिता पांडे प्रकरण से नहीं, बल्कि उनकी एक साल से लापता बेटी भविका शर्मा से जुड़ा है। तो दोस्तों, यह सिर्फ भाविका शर्मा की कहानी नहीं है, यह उस हर मां की कहानी है, जो अपने बच्चे के इंतजार में हर दिन और हर रात गुजारती है, एक साल बीत गया। 365 दिन गुजर गए लेकिन एक मां की उम्मीद आज भी जिंदा है। उसे आज भी यकीन है कि उसकी बेटी कहीं न कहीं है और एक दिन वापस जरूर लौटेगी, लेकिन इस पूरे मामले ने सिस्टम पर भी कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सिर्फ एक डीएनए रिपोर्ट किसी परिवार को यह मान लेने के लिए मजबूर कर सकती है कि उसका अपना अब इस दुनिया में नहीं है? क्या हादसे के बाद तलाश और जांच की प्रक्रिया उतनी गंभीरता से हुई, जितनी होनी चाहिए थी? और आखिर क्यों एक साल बाद भी एक मां को अपनी बेटी की तलाश में दर-दर भटकना पड़ रहा है?आप इस पूरे मामले को कैसे देखते हैं? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।