जी हां दोस्तो अंकिता केस में प्रदेशव्यापी आक्रोश के बाद हाल में प्रदेश के मुख्यमंत्री की एक प्रेस कांफ्रेंस हुई थी। जिसमें सीएम ने कहा था कि जैसा अंकिता के माता-पिता की मांग होगी वैसे ही एक्शन होगा। Uttarakhand Ankita Bhandari Case अब जो खबर आ रही है वो ये कि सीएम के पास वो पत्र पहुंच चुका है जिसमें सीबीआई जांच करने को लेकर अंकिता के माता-पिता न्याय की मांग कर डाली है तो क्या सीबीआई जांच की मांग पर होगा एक्शन। कैसे अंकिता के माता-पिता के साथ खड़ा है उत्तराखंड महिला मंच पूरी खबर रिपोर्ट में बताउँगा आपको। दरअसल दोस्तो ये वो पीड़ा है अंकिता के माता-पिता की जिससे वो सालों से अपने अँदर दबाए बैठे है मतलब पूरा न्याय। बार-बार, यह केस अंकिता भंडारी के माता-पिता को उनके दुःख में लौटाता है। हर नई घटनाक्रम उनके उस घाव को फिर से खोल देता है जो कभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ। उन्हें सुनना पड़ता है, इंतजार करना पड़ता है, उम्मीद रखना पड़ती है और फिर से दर्द सहना पड़ता है। उनके लिए यह राजनीति या सार्वजनिक बहस का विषय नहीं है। यह उनकी बेटी की खोई हुई जिंदगी है, जो हर दिन जी जाती है। इस मामले ने स्पष्ट रेखा खींचनी चाहिए थी। यह दिखाना चाहिए था कि कोई भी कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, बेटी की ज़िंदगी और सम्मान सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। सिर्फ शब्दों में नहीं। सिर्फ नारेबाजी में नहीं। बल्कि कृत्य में लेकिन इसके बजाय, उनके माता-पिता अब भी वहीं खड़े हैं, उन सवालों के जवाब मांगते हुए जो उन्हें पहले ही मिलने चाहिए थे। उन्हें शांति मिलनी चाहिए। उन्हें बंदिशों से मुक्ति मिलनी चाहिए। और अंकिता को न्याय मिलना चाहिए, ऐसा न्याय जो कोई संदेह न छोड़ने वाला हो, ताकि उत्तराखंड में किसी और माता-पिता को कभी इस तरह का दर्द न सहना पड़े।
अब जब इस पूरे मामले एक बार फिर शोर हुआ है तो न्याय की उमीद उनकी भी जग रह है बल, कि चार साल बाद ही असल गुनहगारों को सामने लाने का काम उनकी अपनी सरकार करे। इससे इतर सीएम की उस मांग पर सवालों का शोर थम जाएगा जहां ये कहा गया कि अंकिता के माता पिता क्या चाहते हैं। दोस्तो अब गेंद शायद सरकार के पाले में लेकिन इस बीच इस पूरे मामले को लेकर सीएम धामी का एक बयान सामने आया है। वो जहां इस मामले की जांच करने की बात कर रहे हैं वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि प्रदर्शनों के चलते पिछले पंद्रह दिन में जो समय बर्बाद हुआ, विकास योजनाओं से लोगो को भ्रमित किया गया, इसके लिए जिम्मेदार लोगो को माफ़ी माँगनी चाहिए !!मैंने अंकिता भंडारी के माता पिता से मुलाक़ात की है, उन्होंने जो कहा उस पर विधिक परीक्षण के बाद आगे बढ़ा जाएगा। तो दोस्तों, अंकिता भंडारी केस में उठे नए कदम और बयान चर्चा का केंद्र बन गए हैं। चार साल बाद भी न्याय की उम्मीद अंकिता के माता-पिता में जगी हुई है, और अब बॉल स्पष्ट तौर पर सरकार के पाले में है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जांच को विधिक परीक्षण के बाद आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है और प्रदर्शनों के दौरान बर्बाद हुए समय के लिए जिम्मेदारों को माफी मांगने की बात कही है। लेकिन सवाल वही है—क्या अब कार्रवाई होगी, और अंकिता के माता-पिता को वह न्याय और इस संवेदनशील मामले में मिलेगा जिसकी उन्हें इतनी बेसब्री से तलाश है?