SIT जांच में बाहरी महिला कौन? | Ankita Bhandari Case | Uttarakhand News

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7 घंटे, 5 कैमरे और सवालों की झड़ी अंकिता भंडारी केस में ‘VIP’ नाम खोलने वाली उर्मिला से हुई पूछताछ हुई, लेकिन दोस्तो इस एसआईटी जांच के दौरान उर्मला सनावर से पूछताछ की एक तस्वीर सवालों के घेरे में है। Ankita Murder Case Investigation ये तस्वीर पर शोर इस लिए हो रहा है कि ये महिला है कौन और किस हैसियत से ये एसआईटी जांच में उर्मिला सनावर से पूछतांछ में शामिल हुई। जहां एक तरफ इस सवाल चल ही रहा था, तो उधर महिला के बारे में खोजा गया तो निकला बीजेपी से कनैक्शन, वो कैसे और पूछताछ में क्या कोई बीजेपी की महिला नेता या उससे जुड़ी महिला शामिल थी। दोस्तो अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीईआईपी का नाम खोलने वाली उर्मिला सनावर से SIT की जांच और पूछताछ, लेकिन इसी ने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। उर्मिला से पूछताछ के दौरान SIT में शामिल एक बाहरी महिला को लेकर चर्चा गर्म है। सवाल यही है—यह महिला कौन है और उसका बीजेपी से क्या संबंध है? क्या यह मामले की जांच में किसी राजनीतिक या बाहरी प्रभाव का संकेत है? आने वाले समय में SIT की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि इस रहस्य से मामले की दिशा भी प्रभावित हो सकती है। दोस्तो सबसे पहले मै आपको एक कुछ तस्वीर दिखा रहा हूं।

दोस्तो ये वो तस्वीर है जो चर्चा में है और कई तरह के सवाल हो रहे हैं कि इस महिला की भूमिका क्या है इस एसआईटी जांच के दौरान आगे मै बताउंगा उसके बारे में भी क्या है पुलिस का तर्क और कैसे निकला बीजेपी से कनैक्शन, लेकिन दोस्तो उत्तराखंड की राजनीति और चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े आरोपों के बीच उभरे विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पूर्व विधायक सुरेश राठौर से जुड़े वायरल ऑडियो-वीडियो प्रकरण में उनकी तथाकथित पत्नी उर्मिला सनावर से एसआईटी ने हरिद्वार में करीब सात घंटे तक मैराथन पूछताछ की। पूछताछ के बाद जहां उर्मिला ने खुद को निष्पक्ष जांच का समर्थक बताते हुए अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की बात दोहराई, वहीं पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने पूरे मामले को साजिश, ब्लैकमेलिंग और राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब सबकी निगाहें एसआईटी की जांच और सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं, लेकिन एसआईटी जांच की ये वाली तस्वीर पर फिर विवाद होग। उत्तराखंड के एक वरिष्ठ पत्रकार एक्स पर लिखते हैं उत्तराखंड में शायद कानूनों की परिभाषा बदल रही है, कोई प्राइवेट व्यक्ति भी पुलिस SIT का हिस्सा हो सकता है, दो दिन पहले अंकिता भंडारी के मामले में हरिद्वार में जिस SIT के सामने अभिनेत्री उर्मिला सनावर पेश हुई, उसके रिलीज फ़ोटो में गोल घेरे में एक महिला बैठी है, इस महिला का नाम मन्नू शिवपुरी है, किस कैपेसिटी से यह महिला पूछताछ के दौरान उपस्थित रही ? बड़ा सवाल है।

पुलिस का कहना है कि कोई महिला समाज सेवी स्वतंत्र गवाह के रूप में मौजूद रह सकता है। अब इस तर्क में कितनी सच्चाई है, वो तो बता नहीं लेकिन हां इतना जरूर है कि अगर जांच में एसा कुछ होता है तो उस महिला को ही क्यों जांच का हिस्सा बनाया गया जो बीजेपी से जुड़ी हैं। ये मै नहीं कह रहा हूं। दोस्तो महिला का नाम मन्नू शिवपूरी इन तस्वीरों को देख कर आपको क्या लगता है। क्या इस महिला का जानबूझकर उस जांच में बैठा दिया, जो मामला बेहद ही संवदेनशील है। उत्तराखंड में शायद कानूनों की परिभाषा बदलती नजर आ रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या प्राइवेट व्यक्ति भी पुलिस की SIT का हिस्सा बन सकता है? दो दिन पहले हरिद्वार में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले में अभिनेत्री उर्मिला सनावर SIT के सामने पेश हुईं। लेकिन रिलीज़ हुए फ़ोटो में गोल घेरे में एक महिला भी दिखाई दे रही है। यह महिला है मन्नू शिवपुरी। अब बड़ा सवाल यह है कि मन्नू शिवपुरी किस कैपेसिटी से SIT के सामने पूछताछ के दौरान मौजूद थीं? पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कोई महिला समाजसेवी या स्वतंत्र गवाह के रूप में मौजूद रह सकती है। लेकिन इस बात ने कई लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह सिर्फ पारंपरिक गवाह है या SIT की कार्रवाई में किसी तरह की भागीदारी भी है? इस घटना ने न्याय और जांच की पारदर्शिता को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि जांच प्रक्रिया में गवाह का होना आम है, लेकिन SIT में बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी को लेकर स्पष्ट नियम और औपचारिकताएँ अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं। तो सवाल यही है—क्या उत्तराखंड में अब कानून और जांच की परिभाषा बदल रही है? और क्या यह सिर्फ गवाह की मौजूदगी है या फिर SIT की कार्रवाई पर किसी बाहरी प्रभाव का संकेत? जैसा भी हो,

इस मामले पर सवाल और बहस लगातार बढ़ती जा रही है, और आने वाले समय में SIT की अगली कार्रवाई से ही साफ होगा कि जांच में किस तरह की पारदर्शिता बरती जा रही है। दोस्तो बता दूं कि हरिद्वार जनपद में दर्ज विभिन्न मुकदमों को लेकर एसआईटी ने उर्मिला सनावर से करीब 6 से 7 घंटे तक लगातार पूछताछ की. यह पूछताछ पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुई। उर्मिला के मुताबिक, कमरे में चार से पांच कैमरे लगे थे और हर सवाल-जवाब रिकॉर्ड हो रहा था। पूछताछ के दौरान उनसे उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों, वायरल ऑडियो-वीडियो, उनके स्रोत, समय और संदर्भ को लेकर विस्तार से सवाल किए गए। पूछताछ के बाद बाहर निकली उर्मिला सनावर ने मीडिया से खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने उनसे जो भी पूछा, उसका उन्होंने हर पहलू से जवाब दिया। उन्होंने सभी ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंप दी हैं और यह भी स्पष्ट किया है कि किस रिकॉर्डिंग का समय क्या है। उनके अनुसार, बाकी तकनीकी और अन्य सबूत पूर्व विधायक सुरेश राठौर देंगे लेकिन ये इस महिला को लेकर सवाल तमाम हो रहे हैं। मुझे नहीं पता कि ये महिला हैं कौन कैसे इस जांच में पहुंची और बीजेपी के नेताओँ के साथ महिला की फोटो, अब पता नहीं दोस्तो सच क्या है या सच को गुमराह करने की कोशिस मै इन फोटोज की सही होने की पुष्टी नहीं करता लेकिन सवाल है तो जवाब भी मिलना चाहिए।