Kedarnath में धर्म के नाम पर वायरल विवाद! | Chardham Yatra | Viral Video | BKTC | Uttarakhand News

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केदारनाथ धाम से उठे इस वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या आस्था के नाम पर अब इंसानियत और रोज़गार भी तय होने लगे हैं? और सबसे बड़ा सवाल ये कि जिस मजदूर की एंट्री पर बवाल मचा, उसे आखिर काम पर बुलाया किसने था? आखिर कैसे इस बार चारधाम यात्रा की शुरूआत मे कई विवाद क्यों सामने आ रहे हैं, कई वायरल हो रहे वीडियो क्यों चिंता को बढ़ा रहे हैं। कैसे मजदूरी करने आये मुस्लिम युवाक पर चढ गए स्थानीय लोग और किसने कह दिया यहां तो पुलिस लठ्ठ मार रही है। दोस्तो चार धाम यात्रा की शुरूआत बड़े ही भव्य तरह से हो चुकी है, यमनोत्री, गंगोत्री, बाबा केदार के बाद बदरीविशाल के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुल चुके हैं और रिकोर्ट तोड़ श्रद्धालुं यात्रा की शुरूआत में ही पहुंच रहे हैं। लेकिन यहां जहां एक तरफ व्यवस्था पर तामाम सवाल खड़े हो रहे हैं वहीं एक विवाद ऐसा है जो इस बार नया है, वो इसलिए क्योंकि बीकेटीसी ने हाल में कुछ फैसले यात्रा के लिए कुछ नियम बनाए जहां गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक की बात की गई अब देखिए कैसे ये विवाद देवभूमि की किरकिरी करनाने का काकाम कर रहे हैं। दोस्तो केदारनाथ धाम में जम्मू से आए एक मुस्लिम मजदूर को लेकर विवाद तब गहराया, जब कुछ लोगों ने उसे काम करने से रोक दिया। वीडियो में तीखी बहस और “बैन” का हवाला दिया जा रहा है, जिससे माहौल और गर्म हो गया..अब सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या यह पूरा मामला गलतफहमी है या फिर नियमों की गलत व्याख्या? क्योंकि हकीकत यह भी है कि प्रतिबंध केवल मंदिर परिसर और गर्भगृह तक सीमित हैं, यात्रा मार्ग या निर्माण कार्य पर नहीं।

दोस्तो ये वीडियो केदारनाथ का बताया जा रहा है और 22 अप्रेल का है जहां कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि व्यवस्था बिलकुल भी ठीक नहीं है भीड़ ज्यादा होने पर उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है ये तो यहां तक कह रहे हैं कि उत्तराखंड पुलिस पीट रही है, डंडे से मार रही है। दोस्तो ऐसा क्यों एक श्रद्धालु कह रहा है कि केदारनाथ कभी मत आना इधर आके कुच मतलब नहीं है। तो दोस्तो ये सब क्यों और कैसे हो रहा है क्या वाकई व्यस्था इतनी खबरा है कि लोग इस तरह से कड़वा अनुभव बता रहे हैं। क्योंकि ये पहले बार नहीं जब यात्रा शुरू होने के साथ ही विवाद हुआ है क्योंकि इससे पहले गुजरात आए श्रद्धालुके पिता की अचानक मौत के बाद उसने भी तामाम आरोप लगाए। बीकेटीसी, सरकार प्रशासन पुलिस वाले क्या ये सब देख रहे हैं। अब दोस्तो चर्चा उस वारयल वीडियो की करता हूं केदारनाथ में धर्म के नाम पर वायरल विवाद! दोस्तो इस वीडियो पर एक और चर्चा तेज है—क्या उस मजदूर को वास्तव में किसी स्थानीय व्यक्ति ने काम पर रखा था? और अगर हां, तो फिर विवाद की असली जड़ कहां है? दोस्तो सोशल मीडिया पर लोग दो हिस्सों में बंटे नजर आ रहे हैं—कुछ इसे नियमों का मुद्दा बता रहे हैं, तो कुछ इसे इंसानियत पर सवाल उठाने वाली घटना कह रहे हैं। केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही यात्रा रफ्तार पकड़ चुकी है। हजारों यात्री केदारनाथ के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। इस बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें गैर सनातनियों की चारधाम में एंट्री पर बैन का हवाला देते हुए, एक मुस्लिम मजदूर को काम करने से रोका जा रहा है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दोस्तो दरअसल बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने केदारनाथ समेत उत्तराखंड के 45 मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। लेकिन ये प्रवेश केवल मंदिर परिसर और गर्भगृह के लिए है। अब कुछ लोगों ने इस प्रतिबंध को यात्रा मार्ग पर काम कर रहे मजदूरों से भी जोड़ दिया। जबकि उन पर ये लागू नहीं होता। दोस्तो केदारनाथ मार्ग पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि, एक मजदूर को कुछ लोग पूछते हैं कू यहां क्या कर रहा है? तू कहां से आया है? मुसलमान तो यहां बैन हैं, तुझे पता नहीं क्या? मजदूर से बहस कर रहे व्यक्ति ने ये तक कहा कि तुम यहां काम करके पैसे कमाते हो और बम फोड़ते हो? इस पर मज़दूर ने जवाब दिया, कि वो जम्मू कश्मीर का रहने वाला है और रोज़गार के लिए यहां आया है। उसे जसपाल राणा नाम के व्यक्ति ने काम पर रखा है। बाद मं वो व्यक्ति जसपाल ले भी बात करता है और उससे भी मुस्लिम मजदूर को रखने पर ऐतराज जताता है। कुछ लोग इसे नियम कायदों की लापरवाही करार दे रहे हैं तो कुछ लोग इसे इंसानियत के खिलाफ बता रहे हैं। लेकिन एख बात जो सोचने वाली ये है कि क्या रोज़ी-रोटी कमाना भी अब धर्म देखकर तय होगा? धार्मिक आस्था का सम्मान हर किसी का अधिकार है। नियमों का पालन भी जरूरी है, इसमें कोई विवाद नहीं। लेकिन सवाल तब खड़ा होता है जब आस्था के नाम पर इंसानियत को पीछे छोड़ दिया जाता है।