बद्रीनाथ DJ विवाद में मंत्री के ‘शंख’ वाले बयान पर क्यों भड़के तीर्थ पुरोहित? | Uttarakhand News

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बद्रीनाथ धाम में तेज डीजे विवाद के बीच उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के ‘शंख’ को लेकर दिए गए एक बयान पर तीर्थ पुरोहित और चारधाम महापंचायत बुरी तरह भड़क गए हैं। दरअसल, धाम की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाले सांस्कृतिक महोत्सव के शोर-शराबे पर सफाई देते हुए मंत्री ने कह डाला कि बद्रीनाथ में शंख इसलिए नहीं बजाया जाता क्योंकि वह ‘जानवर की हड्डी’ से बना होता है और मंदिर में हड्डी वर्जित है। मंत्री के इस दावे को तीर्थ पुरोहितों ने पूरी तरह निराधार और सनातन परंपराओं के प्रति उनका घोर अज्ञान बताया है। पुरोहितों का कहना है कि शंख कोई हड्डी नहीं, बल्कि समुद्र मंथन से उत्पन्न साक्षात लक्ष्मी का भाई और एक अत्यंत पवित्र जीव का कवच है, जिसे हड्डी कहना करोड़ों सनातनी आस्थावानों का अपमान है।

तीर्थ पुरोहित महापंचायत का आरोप है कि पर्यटन मंत्री अपने इस बेतुके तर्क से मूल विवाद और अपनी नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं। पुरोहितों और संतों ने कैबिनेट मंत्री को मर्यादा और शास्त्रों का अध्ययन करने की नसीहत देते हुए साफ किया कि बद्रीनाथ धाम में शंख न बजाने के पीछे वास्तविक कारण भगवान विष्णु की योगनिद्रा में विघ्न न डालना और पहाड़ों की भौगोलिक शांति (प्रतिध्वनि से होने वाले नुकसान को रोकना) बनाए रखना है, न कि कोई अपवित्रता। तीर्थ पुरोहितों ने चेताया है कि धार्मिक मर्यादाओं के साथ ऐसा खिलवाड़ और पवित्र प्रतीकों का ऐसा भ्रामक अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।