एक बेटी चली गई, लेकिन छोड़ गई सिस्टम पर हजारों सवाल! मेहनत हार गई और पेपर लीक जीत गया? दोस्तो, देहरादून में राहुल गांधी के मंच पर जब NEET पेपर लीक से जुड़ा दर्द सामने आया, तो माहौल भावुक हो गया। रिया कुमारी के पिता ने कहा—”जो मेरी बेटी के साथ हुआ, वो किसी और बेटी के साथ न हो।” वहीं छात्रों ने भी कहा कि अगर पेपर लीक होगा, तो मेहनत नहीं, पूरा सिस्टम हार जाएगा। आखिर इस मंच से क्या उठी आवाज। एक बेटी का अधूरा सपना और सिस्टम पर उठते बड़े सवाल! दोस्तो, देहरादून में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम सिर्फ राजनीति का मंच नहीं रहा, बल्कि उन परिवारों की आवाज भी बना, जिनका दावा है कि पेपर लीक ने उनके सपनों को छीन लिया। ।
NEET पेपर लीक मामले में जान गंवाने वाली रिया कुमारी के पिता जब राहुल गांधी से मिले, तो उनकी आंखों का दर्द हर किसी को भावुक कर गया। मंच से छात्रों ने भी कहा कि मेहनत करने के बाद भी अगर पेपर लीक हो जाए, तो सिस्टम से लड़ना नामुमकिन हो जाता है। आखिर इस मुलाकात में क्या कहा गया और राहुल गांधी ने क्या भरोसा दिया। दोस्तो, बेटी को खो चुके एक पिता ने सिर्फ अपना दर्द नहीं सुनाया, बल्कि यह भी कहा कि जो उनकी बेटी के साथ हुआ, वैसा किसी और परिवार के साथ न हो। उन्होंने राहुल गांधी से संसद में इस मुद्दे को मजबूती से उठाने की अपील की। दोस्तो, कार्यक्रम में मौजूद कई छात्रों ने भी प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। एक छात्र ने कहा कि अगर वर्षों की मेहनत के बाद पेपर ही लीक हो जाए, तो मेहनत नहीं बल्कि पूरा सिस्टम हार जाता है। दोस्तो, छात्रों की इस पीड़ा को सुनने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करना जरूरी है। दोस्तो, देहरादून का यह मंच सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यहां युवाओं की उम्मीदें, अभिभावकों का दर्द और परीक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल भी खुलकर सामने आए। हालांकि, पेपर लीक जैसे मामलों और उनसे जुड़े दावों पर राजनीतिक दलों के अलग-अलग मत हैं, लेकिन इतना तय है कि निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली आज करोड़ों छात्रों की सबसे बड़ी मांग बन चुकी है। अब देखना होगा कि यह मुद्दा सिर्फ मंचों तक सीमित रहता है या आने वाले समय में नीति और कानून के स्तर पर भी ठोस बदलाव देखने को मिलते हैं।