BJP नेत्रियों के केस में एक्शन! लेकिन Babita Pandey कहां है? | Dehradun Police | Uttarakhand News

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दोस्तो, कहीं पुलिस की रफ्तार बिजली से भी तेज है तो कहीं वक्त की रफ्तार भी जवाब नहीं दे पा रही एक मामले में 24 घंटे के भीतर दिल्ली से गिरफ्तारी और दूसरे मामले में कई दिन नहीं दो महीने बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं। सवाल कार्रवाई पर नहीं, बल्कि कार्रवाई की रफ्तार में दिख रहे फर्क पर उठ रहे हैं। कैसे बीजेपी नेत्रियों पर अभद्र टिप्पणी करने वाले को पकड़ कर पुलिस ने मंगवा दी फाफी लेकिन रामनगर की बबीता पाडें का कोई पता नहीं। बीजेपी महिला मोर्चा की नेत्रियों पर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में देहरादून पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना भी हो रही है, होनी भी चहिए लेकिन इसी बीच एक सवाल लगातार उठ रहा है। आखिर दयारा बुग्याल से रहस्यमय तरीके से गायब हुई बबीता पांडे की तलाश में अब तक कोई ठोस सफलता क्यों नहीं मिली? एक मामले में पुलिस की कार्रवाई इतनी तेज और दूसरे मामले में अब तक कोई बड़ा अपडेट क्यों नहीं?

दोस्तो मै किसी भी मामले की तुलना नहीं कर रहा, लेकिन जनता के मन में उठ रहे सवाल जरूर सामने रख रहा हूं दोस्तो खबर ये कि राहुल गांधी के देहरादून में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के बाद फेसबुक पर भाजपा महिला नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामला गरमा गया है। मामले में महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने डालनवाला थाने में शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोस्तो जरा पुलिस के बीच में खड़े सख्स को देख सकते हैं। दोस्तो यहां आपको यहां बता दूं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर बीजेपी की महिला नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई। दोस्तो ये बात तब पता चलति हैं जब महिलाओ अपना फेसबुक अकाउंट खोला तो ‘राजेंद्र उत्तराखंडी’ नाम से संचालित एक फेसबुक प्रोफाइल पर महिलाओं, विशेषकर बीजेपी से जुड़ी महिला नेताओं के खिलाफ बेहद अशोभनीय और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने स्क्रीनशॉट के माध्यम से इस सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें महिला नेताओं के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। उसके बाद पुलिस की कर्रवाई के बाद व्यक्ति माफी मांगता दिखाई दिया।

दोस्तो किसी भी महिला के अपमान का कोई भी पछधर नहीं हो सकता और ये कार्वरवाई पुलिस की तारीफ ए काबिल भी है, लेकिन दोस्तो अब एक सवाल उस मामले का, जिसका जवाब पिछले दो महीने से पूरा उत्तराखंड तलाश रहा है। रामनगर की बबीता पांडे दयारा बुग्याल ट्रेक के दौरान रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। शुरुआती दिनों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला। SDRF, NDRF, ITBP, पुलिस, स्थानीय टीमें, ड्रोन और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल भी किया गया। लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी बबीता का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। दोस्तो, यही वह सवाल है जो आम लोगों के मन में लगातार उठ रहा है। आखिर इस मामले में अब जांच किस स्थिति में है? क्या सर्च ऑपरेशन अभी भी उसी गंभीरता से जारी है? क्या कोई नई लीड मिली है? और अगर नहीं मिली, तो आगे की रणनीति क्या है? बबीता पांडे का परिवार आज भी हर दिन एक उम्मीद के साथ इंतजार कर रहा है। उनकी मां-बाप, परिजन और पूरा परिवार सिर्फ एक जवाब चाहता है—आखिर बबीता कहां हैं? दोस्तो, यह किसी राजनीति का नहीं, बल्कि एक परिवार की पीड़ा का सवाल है। उम्मीद की जानी चाहिए कि जांच एजेंसियां और प्रशासन इस मामले में हर संभव प्रयास जारी रखें और परिवार को जल्द से जल्द किसी ठोस निष्कर्ष तक पहुंचाएं।