Babita Pandey केस की हो CBI जांच!’| Uttarkashi | Dayara Bugyal | Missing | Uttarakhand News

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दोस्तो रामनगर की बबीता पांडे के साथ क्या हुआ हादसा महज एक दुर्घटना था, या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है? आखिर बबीता के लापता होने के 11 दिन बीत जाने के बाद क्यों परिवार को सिर्फ हादसे की नहीं, बल्कि अपहरण की आशंका भी सता रही है?किस पर शक जता रहे हैं परिजन और क्यों उठ रही है पूरे मामले की CBI जांच की मांग? दोस्तो घंटे बीते बीत के एक के बाद एक कर 11 दिन लेकिन दयारा बुग्याल से रहस्यमय तरीके से गायब हुई रामनगर की बबीता का को पता नहीं चला। कोई सुराग नहीं लेकिन इस बीच कुछ बातें परिवार की तरफ कहीं जा रही हैं और हां दयारा बुग्याल ट्रैक पर पिछले 10-11 दिन चल रहे सबसे बड़े सर्च ऑफरेशन से परिवार खुश नहीं है और क्या स्थानीय जांच से परिवार संतुष्ट नहीं है, या फिर कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब तक नहीं मिले? दोस्तो बबीता पांडे केस में उठते इन तमाम सवालों के बीच सच्चाई क्या है। दोस्तो यहां मै आपको ये बता दूं कि रामनगर की चिल्किया निवासी बबीता पांडेय (24) अपने दो दोस्तों के साथ 29 मई को उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल की ट्रेकिंग पर गई थी। दोस्तो 30 मई की रात सब लोग गोई क्षेत्र में टेंट लगाकर रुके थे। इसके बाद बबीता रहस्यमय तरीके से गायब हो गई।

31 मई को घटना की जानकारी मिलने के बाद बबीता की तलाश में भाई हर्षित और मां अंजू उत्तरकाशी पहुंचे। 10 दिनों तक जब बबीता का कहीं पता नहीं चला तो दोनों बबीता के पिता, दादी की चिंता के चलते रामनगर लौट आए। दोस्तो इस द्वारान लापता बबीता पांडे का कहना ये है कि अलग-अलग विभागों की टीम पैदल, ड्रोन, हेलीकॉप्टर समेत अन्य तरीकों से सर्च अभियान चला रही है। उन्होंने बबीता के रहस्यमय तरीके से गायब होने को अपहरण बताया और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। भाई हर्षित ने बताया कि 25 मई को घर से निकली बबीता को 30 मई को वापस लौटना था। दोस्तो उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित दयारा बुग्याल से लापता हुई एमबीए छात्रा बबीता पांडे का मामला लगातार रहस्य बनता जा रहा है। घटना के 11 दिन बीत जाने के बाद भी बबीता का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। इस बीच बबीता के परिजनों ने मामले में अपहरण की आशंका जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। दोस्तो बबीता पांडे 29 मई को अपने दो दोस्तों के साथ दयारा बुग्याल ट्रैकिंग पर गई थी। बताया जा रहा है कि 30 मई की रात सभी लोग ट्रैकिंग क्षेत्र में टेंट लगाकर रुके थे, लेकिन अगले दिन बबीता रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई। इसके बाद से पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग, राजस्व विभाग समेत छह से अधिक एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। दोस्तो बबीता की खोज के लिए पैदल सर्च अभियान के साथ-साथ ड्रोन, हेलीकॉप्टर और आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।

इधर दोस्तो इधर बबीता के भाई हर्षित ने इस मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बबीता का इस तरह अचानक गायब हो जाना सामान्य घटना नहीं हो सकती, परिवार को आशंका है कि उसका अपहरण किया गया है उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की है। दोस्तो चौकाने वाली बात ये है कि परिवार के लोगों का शक किस पर है किसने किया होगा बबीता पांडे का अपहरण। दोस्तो इस पर बबीता पांडे के परिजनों का कहना है कि जांच एजेंसियों को बबीता के साथ ट्रैकिंग पर गए दोस्तों और उस दौरान संपर्क में आए स्थानीय युवाओं से भी गहन पूछताछ करनी चाहिए। उनका मानना है कि मामले के कई पहलू अभी सामने आने बाकी हैं और बिना निष्पक्ष जांच के सच्चाई तक पहुंचना मुश्किल होगा और दोस्तो अब तो परिवार ने भी दोस्तों और स्थानीय युवाओं पर संदेह जताया है कि बबीता के गायब होने में दोस्तो का हाथ हो सकता है। अब दोस्तो पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है, लेकिन इधर अपहरण या खुद कहीं चले जाने को लेकर भी कुछ नहीं मिला है। किसी भी पुलिस अधिकारी का जांच अधिकारी को बयान नहीं आया है। दोस्तो फिलहाल बबीता की गुमशुदगी का रहस्य बरकरार है। एक ओर जहां प्रशासन उसे खोजने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, वहीं परिवार की चिंता और बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर बबीता के साथ क्या हुआ और इस रहस्य से पर्दा कब उठेगा।