Rudraprayag ट्रैकर का बड़ा रेस्क्यू! | Deoriatal | Deoria Taltrek | Chopta | Uttarakhand News

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दोस्तो क्या उत्तराखंड के खूबसूरत ट्रैक अब पर्यटकों के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं? क्या प्राकृतिक सौंदर्य के बीच एक छोटी सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है? और आखिर देवोरियाताल ट्रैक पर ऐसा क्या हुआ कि पांच लोगों को घंटों जंगलों में भटकना पड़ा? एक तरफ दयारा बुग्याल ट्रैक से गायब बबीता पांडे का सुराग तक नहीं मिल पा रहा है वही दूसरी तरफ देखिए देवोरियाताल ट्रैक पर हुए इस बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी कहानी। दोस्तो उत्तराखंड के खूबसूरत पहाड़ अब परीक्षा ले रहे हैं और कड़ी ले रहे हैं एक छोटी सी गलती बड़ी भारी पड़ती दिखाई दे रही है, जैसा की दोस्तो दयारा बुग्याल ट्रैक पर जहां रामनगर की बेटी रहस्यमय तरीके से गायब हुई। सर्च ऑपरेशन दर सर्च ऑपरेशन चल रहा है लेकिन रेक्यू तो छोड़िए सुराग मिलना तक बेहद मुश्किल और चुनौती बन चुका है, लेकिन दोस्तो ये जो खबर मै आपको बताने जा रहा हूं वो राहत देने वाली है। दोस्तों, उत्तराखंड के प्रसिद्ध देवोरियाताल ट्रैक से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां ट्रैकिंग के लिए पहुंचे पांच लोग रास्ता भटक गए और घने जंगलों के बीच फंस गए। जैसे-जैसे समय बीतता गया, उनकी चिंता बढ़ती गई और हालात गंभीर होते चले गए। सूचना मिलते ही SDRF, DDRF और पुलिस की टीमों ने मोर्चा संभाला। पहाड़, जंगल और अंधेरे के बीच शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन कई घंटों तक चला। आखिरकार रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी पांच लोगों को सुरक्षित खोज निकाला और उन्हें चोपता पहुंचाया, लेकिन सवाल यह है कि आखिर पर्यटक रास्ता कैसे भटक गए? क्या ट्रैकिंग के दौरान जरूरी सावधानियों की अनदेखी की गई थी? और क्या हाल के दिनों में पहाड़ों में बढ़ रही ऐसी घटनाएं ट्रैकिंग सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर रही हैं?

देवरियाताल-चोपता ट्रेक मार्ग पर जंगल के बीच रास्ता भटक जाने से फंसे पांच ट्रैकर्स को एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस एवं डीडीआरएफ के संयुक्त प्रयासों से सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोस्तो, आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि देवरियाताल से चोपता के मध्य ट्रेकिंग के दौरान 05 ट्रैकर्स निर्धारित मार्ग से भटककर घने जंगल क्षेत्र में पहुंच गए हैं। दोस्तो ये खबर लगते ही एसडीआरएफ पोस्ट अगस्त्यमुनि के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। साथ ही स्थानीय पुलिस एवं डीडीआरएफ की टीमों ने भी राहत एवं बचाव अभियान में सहभागिता की। दुर्गम एवं घने जंगल क्षेत्र में संयुक्त रूप से सघन सर्च अभियान चलाते हुए टीमों ने सभी ट्रैकर्स को खोज निकाला। यहां दोस्तो आपको बता दूं कि रेस्क्यू किए गए ट्रैकर्स में अभिजीत कुमार (गोपालगंज, बिहार), साहिल कुमार, पुरुषोत्तम चौधरी, सचिन कुमार तथा आलोक कुमार शामिल थे। तो दोस्तों, देवोरियाताल ट्रैक से आई यह खबर राहत देने वाली जरूर है, लेकिन साथ ही एक बड़ा संदेश भी छोड़ती है। पहाड़ों की खूबसूरती जितनी आकर्षक है, उनका स्वभाव उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है। यहां एक छोटी सी लापरवाही, गलत अनुमान या निर्धारित ट्रैक से कुछ कदम दूर जाना भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार SDRF, DDRF और पुलिस की तत्परता से पांचों ट्रैकर्स सुरक्षित वापस आ गए। लेकिन सवाल यह है कि अगर समय रहते सूचना न मिलती तो क्या होता? क्या ट्रैकिंग पर निकलने वाले लोग सुरक्षा नियमों को गंभीरता से ले रहे हैं? और क्या हाल के दिनों में सामने आए मामलों के बाद ट्रैकिंग गाइडलाइन को और सख्ती से लागू करने की जरूरत है? फिलहाल राहत की बात यह है कि सभी पांचों ट्रैकर्स सुरक्षित हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा। लेकिन दयारा बुग्याल से लेकर देवोरियाताल तक सामने आई घटनाएं यह जरूर बता रही हैं कि पहाड़ों को हल्के में लेने की गलती किसी को नहीं करनी चाहिए फिलहाल इस खबर में इतना ही। आप जब भी ट्रैकिंग पर जाएं, पूरी तैयारी, स्थानीय जानकारी और सुरक्षा नियमों के साथ ही निकलें। आपकी राय क्या है, हमें कमेंट करके जरूर बताइए।