उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल से लापता हुई बबीता पांडे की गुत्थी अब और भी रहस्यमयी होती जा रही है, क्या बबीता पांडे कि आखिरी तस्वीर इस पूरे रहस्य को सुलझाने की कुंजी बन सकती है?क्या उस तस्वीर में ऐसा कोई सुराग छिपा है, जो अब तक जांच से छूट गया? क्या पुलिस को इस केस में कोई नई लीड हाथ लगी है, या फिर यह मामला अभी और उलझने वाला है? बताउंगा आपको लापता बबीता पांडे के मामले में बड़ा अपडेट। दोस्तो 10 दिन से जारी सर्च ऑपरेशन के बीच अब हर किसी की नजर एक ही सवाल पर टिकी है—आखिर बबीता पांडे कहां हैं और उनके साथ क्या हुआ? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है प्रशासनिक टीम और अब जांच एक नए मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है, वो मोड़ क्या है। दोस्तो एक तरफ जहां कई विभाग दयारा बुग्याल ट्रैक पर खोज रहे हैं, पिछले 10 दिन से तो वहीं दूसरी ओर लापता हुई बबीता का कोई सुराग इक सर्च ऑपरेशन के द्वारान नहीं मिल पाया लेकिन अब बबीता पांडे की एक तस्वीर चर्चा में है तो क्या इस तस्वीर पुलिस और जांच टीमों को मदद मिलेगी। दोस्तो नैनीताल जिले के रामनगर निवासी बबीता 29 तारीख की रात बेस कैंप गोई से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थीं।
घटना के बाद से प्रशासन, पुलिस और विभिन्न एजेंसियां लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई हैं, लेकिन कई दिनों की खोजबीन के बावजूद सफलता हाथ नहीं लगी है। इस बीच बबीता के चचेरे भाई पंकज पांडे ने दावा किया है कि बबीता ने 27 या 28 मई को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर हर्षिल स्थित लामा टॉप की कुछ तस्वीरें साझा की थीं। इन तस्वीरों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। इधर दोस्तो प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास बबीता से जुड़ी कोई सूचना हो तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें। फिलहाल खोज अभियान लगातार जारी है। दोस्तो शुरुआती चरण में चलाए गए सर्च एवं रेस्क्यू अभियान में सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीमों की भी मदद ली गई थी। हालांकि, अब इन टीमों को वापस भेज दिया गया है। इसके बाद जिला प्रशासन ने खोज अभियान को नई रणनीति के तहत आगे बढ़ाते हुए नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (एनआईएम) की विशेषज्ञ टीम को अभियान में शामिल किया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, एनआईएम की टीम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में खोज एवं बचाव कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करती है और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में अभियान चलाने का व्यापक अनुभव रखती है।
वर्तमान में एनआईएम, पुलिस और अन्य बचाव दल दयारा बुग्याल तथा आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। रविवार को खोज अभियान को और तेज करते हुए हेलीकॉप्टर की मदद से हवाई सर्वेक्षण भी किया गया। प्रशासन का मानना है कि दुर्गम इलाकों में हवाई निगरानी से किसी संभावित सुराग तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। लापता महिला की संभावित लोकेशन को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। तो दोस्तो, अब बड़ा सवाल यही है—क्या बबीता पांडे की आखिरी तस्वीर इस रहस्यमयी गुमशुदगी का सच सामने ला पाएगी? या फिर यह मामला दयारा बुग्याल की उन अनगिनत अनसुलझी गुत्थियों में एक और नाम जोड़ देगा?10 दिन से चल रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाई है, लेकिन प्रशासन का दावा है कि हर संभव एंगल से जांच और खोज अभियान जारी है।हेलीकॉप्टर सर्वे, विशेषज्ञ टीमों की तैनाती और लगातार चल रही तलाशी के बीच अब सभी की नजर सिर्फ एक चीज पर है—कोई ऐसा सुराग जो इस केस की दिशा बदल दे।लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है—आखिर बबीता पांडे कहां हैं और उनके साथ क्या हुआ?फिलहाल जांच जारी है और इस रहस्य से पर्दा उठने का इंतजार पूरा उत्तरकाशी कर रहा है।