दोस्तो उत्तरकाशी के खूबसूरत दयारा बुग्याल में लापता बबीता पांडे की तलाश अब भी रहस्य बनी हुई है। 10 दिन से चल रहे सर्च ऑपरेशन के बीच आखिर अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है—क्या बबीता पांडे का कोई सुराग मिल गया है? हेलीकॉप्टर से लेकर पैदल टीमों तक, हर संभव प्रयास के बावजूद अब तक पूरी तरह सफलता क्यों नहीं मिल पाई? क्या यह मामला अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है या फिर खोज अभियान में कोई अहम संकेत सामने आया है? कैसे जमीन से लेकर आसमान बबीता की खोज में कर दिया एक, लेकिन मिला क्या बताउंगा आपको पूरी खबर अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो बड़ा ही गजब हो गया, दयारा बुग्याल से बबीता पांडे का अचानक से गायब हो जाना बल इतना बड़ा रहस्य बन चुका है कि कोई भी संस्था जांच एंजेंसी खोज करने वाली एंजेंसिस, ये पता लगाने में क्यों नाकाम हैं कि दयारा बुग्याल से गायब हुई बबीता पांडे आखिर कहां है। दुनिया वाले देख रहे होंगे तो हंस रहेंगे होंगे उत्तराखंड की इस व्यवस्था पर जांच व्यवस्था पर 10 दिन से चले आ रहे सर्च ऑपरेशन पर, दोस्तो क्या नहीं किया जा चुका है। बबीता को खोजने के लिए लेकिन किसी को कोई खबर ही नहीं। दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र से लापता युवती बबीता पांडे की तलाश सातवें दिन भी जारी रही। अब तक लापता बबीता पांडे का कोई पता नहीं चल सका है, लगातार असफल हो रही जमीनी खोज के बीच रविवार को पहली बार हेलीकॉप्टर के जरिए दयारा बुग्याल और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया गया।
पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, एनआईएम समेत कई एजेंसियों की संयुक्त टीमें दिन-रात सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। जानकारी के अनुसार पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम), राजस्व विभाग तथा वन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। टीमें दयारा बुग्याल के अलावा आसपास के जंगलों, गहरी खाइयों, गदेरों, चट्टानों के बीच बने छोटे-छोटे उड्यारों, झाड़ियों तथा अन्य संभावित स्थानों की बारीकी से जांच कर रही हैं। खोज अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए रविवार को यूकाडा के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई। हेलीकॉप्टर के माध्यम से दयारा ट्रेक मार्ग और आसपास के पूरे क्षेत्र का हवाई निरीक्षण कर संभावित स्थानों की तलाश की गई. अधिकारियों का कहना है कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जमीनी स्तर पर सर्च अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। जिसके कारण हवाई सर्वेक्षण से भी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान की निगरानी स्वयं पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय कर रही हैं। उनके निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार घटना की सूचना मिलने के बाद से ही दयारा ट्रेक क्षेत्र में कैंप किए हुए हैं वह पूरे रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। वह लगातार विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान की प्रत्येक गतिविधि की समीक्षा कर रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया लापता युवती बबीता पांडे की सकुशल बरामदगी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि लगातार चल रहे सघन सर्च अभियान से जल्द ही कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है। फिलहाल दयारा बुग्याल और उससे जुड़े सभी संभावित क्षेत्रों में खोज अभियान निरंतर जारी है तो दोस्तो, सवाल अब भी वहीं खड़ा है—आखिर बबीता पांडे कहां हैं? क्या 10 दिन से चल रहा यह सर्च ऑपरेशन किसी बड़े सच की ओर इशारा कर रहा है या फिर यह पहाड़ों की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच एक अनसुलझी पहेली बनकर रह जाएगा?जमीनी टीम हो या आसमान से हो रहा हवाई सर्वेक्षण, हर संभव कोशिश के बावजूद अभी तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। ऐसे में उम्मीद और चिंता दोनों साथ-साथ बढ़ रही हैं।प्रशासन का दावा है कि खोज अभियान पूरी ताकत और समन्वय के साथ जारी है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में कोई निर्णायक सुराग सामने आएगा?और सबसे अहम सवाल—क्या बबीता पांडे सुरक्षित मिलेंगी या यह मामला और गहराता जाएगा?फिलहाल, पूरा उत्तरकाशी इसी इंतजार में है कि इस रहस्य से जल्द पर्दा उठे और सच्चाई सामने आए।