Chamoli भीषण तबाही की ओर! Kimana की भयावह घटना | Jyotirmath Landslide | Disaster | Uttarakhand News

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दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि जिस घर को बनाने में पूरी जिंदगी लग जाए, उसे कुदरत कुछ ही मिनटों में तबाह कर दे? क्या होगा जब आधी रात को पहाड़ दरकने लगे, मलबा घरों में घुस जाए और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए सब कुछ छोड़कर भागना पड़े? कैसे रातों रात उजड़ गया चमोली जिले एक गांव बताउंगा आपको पूरी खबर। दोस्तो उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ के किमाना गांव से कुछ ऐसी ही डराने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच भीषण लैंडस्लाइड ने पूरे गांव में दहशत फैला दी। देखते ही देखते भारी मलबा घरों और खेतों में घुस गया, फसलें बर्बाद हो गईं और कई परिवारों को अपने ही घर छोड़ने पड़े, दोस्तो गांव की तबाही की तस्वीर देखने से पहले आप ये तस्वीर देकिए कैसे गांव तक अगर आपत स्थिति में मदद पहुंचानी पड़े तो वो मदद के रास्ते भी कुछ इस कदर बंद हैं। दोस्तो चमोली में बारिश से जनजीवन बेहाल है और भारी बारिश से 22 सड़कें बंद कर दी हैं, लेकिन दोस्तो इससे बड़ी भयावह तस्वीर जो आई वो आई है। ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाना गांव से एक बार फिर पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए। भूस्खलन के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर विद्यालय और अन्य सुरक्षित स्थानों में शरण लेनी पड़ी। दोस्तो ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी की मिट्टी पूरी तरह गीली हो चुकी है। इसके चलते पहाड़ी का हिस्सा बार-बार दरक रहा है और मलबे के साथ बड़े-बड़े पत्थर गांव की ओर आ रहे हैं। कई मकानों में मलबा घुसने से लोगों को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन दोस्तो भूस्खलन की चपेट में आकर गांव के मंदिर की भोग मंडी और उसकी सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी से अभी भी रुक-रुक कर मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों ने पूरी रात दहशत के बीच बिताई और प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आवास, राहत सामग्री और स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है। वहीं दोस्तो दूसरी ओर प्रशासन कहता है कि ज्योर्तिमठ के किमाना गांव के ऊपर पहाड़ी क्षेत्र से भारी मात्रा में मलबा नीचे आने की सूचना मिली है। मलबे के साथ-साथ पानी का बहाव भी गांव में हुआ है। फसलों को नुकसान की भी सूचना है। भूस्खलन और जलभराव के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से दो परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

उधर, दोस्तो लगातार बारिश का असर जिले के सड़क नेटवर्क पर भी दिखाई दे रहा है। नंदप्रयाग–नंदानगर मोटर मार्ग मंगरोली के समीप पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने के कारण अवरुद्ध हो गया। इससे दोनों ओर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। वहीं पोखरी–गोपेश्वर मोटर मार्ग विशाल तिराहे से पहले हुए भारी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है. सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम साफ होने तक संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। सड़कों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की मशीनें मौके पर भेजी गई हैं, जबकि किमाना गांव में हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।