उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ पीपलीकोट क्षेत्र में विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की एक निर्माणाधीन सुरंग (टनल) में अचानक भारी भूस्खलन और मलबे के साथ तेज जल रिसाव हो गया। Chamoli Tunnel Landslide इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। घटना के समय टनल के भीतर करीब 28 मजदूर सरिया वेल्डिंग और अन्य निर्माण कार्यों में जुटे थे। कल शाम काम के दौरान अचानक टनल के ऊपर से भारी मात्रा में कीचड़, मलबा और पानी अंदर आ गया। इससे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया।
राहत एजेंसियों ने युद्ध स्तर पर काम करते हुए टनल के भीतर फंसे 19 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इस घटना में 11 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए तुरंत जिला अस्पताल गोपेश्वर और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। सुरंग के अंदर अभी भी कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते मलबे को हटाने और लापता लोगों की तलाश का काम लगातार जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने चमोली जिला प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्य में कोई कसर न छोड़ने के निर्देश दिए हैं। टनल में काम करने वाले अधिकांश मजदूर छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों के हैं, जिसके बाद उत्तराखंड सरकार ने संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी संपर्क साधा है। प्रशासन ने घटना के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं।