चमोली के पीपलकोटी टनल हादसे के बाद अब रेस्क्यू के साथ-साथ जवाबदेही का भी वक्त है! एक तरफ टनल के भीतर फंसी जिंदगियों को बचाने के लिए अंडरवाटर कैमरे, डॉग स्क्वाड और भारी पंप मैदान में उतार दिए गए हैं, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद अस्पताल पहुंचकर घायल श्रमिकों से मिले हैं। Chamoli THDC Tunnel Accident लेकिन इस पूरे हादसे के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर टनल में पानी और मलबा इतनी तेजी से कैसे घुसा?क्या सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त थी?और क्या जांच के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी? हादसे पर पहली बार क्या बोले सीएम धामी बड़ी बात और आईजी ने किस नई तकनीक को टनल के अंदर उतारने की बात कही। दोस्तो सीधे कहूं तो चमोली के पीपलकोटी टनल हादसे के बाद अब सरकार और पुलिस-प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुका है। एक तरफ जहाँ टनल के आखिरी छोर तक पहुँचने के लिए अब आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद घायलों का हौसला बढ़ाने अस्पताल पहुँचे। सबसे बड़ी अपडेट यह है कि रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज करने के लिए टनल के भीतर अंडरवाटर कैमरे और डॉग स्क्वाड को उतार दिया गया है।
दोस्तो हादसे की गंभीरता को देखते हुए आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप खुद घटनास्थल पर पहुंचे हैं। टनल के भीतर करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में फैले पानी और जानलेवा दलदल को देखते हुए रेस्क्यू की रणनीति को पूरी तरह बदल दिया गया है। आईजी गढ़वाल के निर्देश पर अब टनल के अंदर अत्याधुनिक अंडरवाटर कैमरों, डॉग स्क्वाड और भारी पंप मशीनों को तैनात किया गया है, ताकि मलबे और पानी के नीचे छिपे हर सुराग का पता लगाया जा सके। एसएसपी चमोली समेत पूरा पुलिस-प्रशासन लगातार मौके पर कैंप कर रहा है और पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इधर, दोस्तो हादसे की पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीपलकोटी के मायापुर स्थित घटनास्थल का निरीक्षण किया।
इसके तुरंत बाद सीएम धामी सीधे गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को साफ निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर एक नागरिक की जान बेहद कीमती है और सरकार अपने सभी संसाधनों का इस्तेमाल इस रेस्क्यू में कर रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस खूनी हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने सीधे मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। दोस्तो मजिस्ट्रियल जांच के आदेश तो दे दिए गए हैं, लेकिन अब देखना यह होगा कि क्या इस जांच के बाद उन बड़ी कंपनियों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने सुरक्षा मानकों को ताक पर रखा था? आईजी गढ़वाल की मुस्तैदी और सीएम धामी के इस कड़े रुख के बाद उम्मीद है कि लापता 3 जिंदगियों को जल्द ही ढूंढ लिया जाएगा।