साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए गृह मंत्रालय ने बड़ी राहत दी है। अब साइबर अपराध के पीड़ितों को अपने पैसे वापस पाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने एमआरएम यानी मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (Money Restoration Module) पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए साइबर पीड़ित घर बैठे ऑनलाइन रिफंड रिक्वेस्ट दर्ज कर सकेंगे। एमआरएम पोर्टल पर पीड़ित अपनी साइबर शिकायत के 14 अंकों वाले एक्नॉलेजमेंट नंबर के माध्यम से लॉगिन कर रिफंड रिक्वेस्ट दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल पर बैंक खाते और आईएफएससी से जुड़ी जानकारी सत्यापित करने के बाद आवेदन जमा किया जाता है, जिसके बाद एक अलग रिक्वेस्ट आईडी जारी की जाती है। इस पहल का उद्देश्य साइबर ठगी के मामलों में फ्रीज या होल्ड की गई रकम को पीड़ितों तक तेजी से पहुंचाना है।
गृह मंत्रालय द्वारा साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में धन वापसी की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए यह मॉड्यूल विकसित किया गया है। नई व्यवस्था से कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और पीड़ितों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा रिफंड प्रक्रिया में तेजी आएगी। उत्तराखंड में भी इस पोर्टल के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। एसएसपी एसटीएफ उत्तराखंड अजय सिंह के अनुसार, राज्य में इस पोर्टल के माध्यम से अब तक चार साइबर पीड़ितों को लाभ मिल चुका है और आगे भी अधिक से अधिक लोगों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।