Dehradun मां ने स्कूल गेट पर दी धरने की चेतावनी!| School Controversy | justice | Uttarakhand News

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देहरादून के समर वैली स्कूल में 11वीं की छात्राओं से कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। करीब 15 छात्राओं से जुड़े आरोपों के बाद अब एक पीड़ित छात्रा की मां ने न्याय की मांग तेज कर दी है। मां ने 2 नवंबर से स्कूल गेट पर धरने का ऐलान किया है। स्कूल प्रबंधन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। दोस्तो अभी कुछ दिन पहले आपने देहरादून के नाम स्कूल के बड़े कांड के बारे में खबर सुनी और देखी होगी, मेने भी सवाल किया था, कि आखिर स्कूल कालेजिज में ये क्या हो राह है लेकिन अब नया हड़कंप मचाने वाला बहड़ा अपडेट इस खबर है वो बताउंगा आपको। दोस्तो देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून, जिसे हम शिक्षा का गढ़ कहते हैं, जहाँ माता-पिता अपनी लाड़लियों को एक सुरक्षित भविष्य और अच्छी शिक्षा की उम्मीद में भेजते हैं, वहाँ से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। देहरादून के नामी ‘समर वैली स्कूल’ में 11वीं क्लास की एक-दो नहीं, बल्कि करीब 15 छात्राओं के साथ अभद्र टिप्पणी और गंदी नीयत से छूने जैसा घिनौना आरोप एक शिक्षक पर लगा है! दोस्तो लेकिन हद तो तब हो गई जब आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की, बेटियों से कहा गया कि ‘घर पर मत बताना’। जब एक हिम्मती मां अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए आगे आई, तो पुलिस की ढीली कार्रवाई ने उसके सब्र का बांध तोड़ दिया। अब इस बेबस लेकिन हिम्मती मां ने ऐलान कर दिया है कि अगर आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वो 2 नवंबर से स्कूल के गेट पर ही आमरण धरने पर बैठ जाएगी। क्या है यह पूरा मामला और क्यों एक मां को इंसाफ के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है? दोस्तो शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली यह सनसनीखेज वारदात देहरादून के समर वैली स्कूल की है। आरोप किसी बाहरी पर नहीं, बल्कि उस गुरु पर है जिसे बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी दी गई थी। पिछले करीब डेढ़ महीने से यह आरोपी शिक्षक क्लास की मासूम बच्चियों के साथ अभद्र टिप्पणियां कर रहा था, उन्हें गलत तरीके से छू रहा था। बच्चियों ने हिम्मत जुटाई। 15 छात्राओं ने बाकायदा साइन करके एक शिकायत तैयार की और 15 अक्टूबर को जब घरवालों को पता चला, तो हड़कंप मच गया!

दोसतो परिजनों के भारी गुस्से के बाद स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षक को आनन-फानन में सस्पेंड तो कर दिया, लेकिन पीड़िता की मां का आरोप है कि यह सिर्फ एक दिखावा है। असली खेल तो मामले को रफा-दफा करने का चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने संज्ञान लिया और लिखित शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ। लेकिन सवाल यह उठता है कि मुकदमा दर्ज होने के इतने दिन बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर क्यों है? आखिर उसे किसका संरक्षण मिला हुआ है? इधर दोस्तो पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच की जा रही है और सबूतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। लेकिन एक मां का दिल पुलिस के इन रटे-रटाए आश्वासनों को मानने के लिए तैयार नहीं है। उसे डर है कि अगर आज वो चुप रह गई, तो उसकी बेटी को कभी न्याय नहीं मिलेगा। और इसी न्याय की आस में अब इस मां ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। दोस्तो एक मां का यह आक्रोश देहरादून प्रशासन और स्कूल प्रबंधन के लिए एक बड़ी चेतावनी है। 2 नवंबर से स्कूल के गेट पर शुरू होने वाला यह धरना क्या देवभूमि की सोई हुई व्यवस्था को जगा पाएगा? क्या 15 मासूम बच्चियों को उनका हक और इंसाफ मिलेगा?