क्या अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच अब फिर सवालों के घेरे में है? आखिर सीबीआई जांच की रफ्तार को लेकर लोगों में इतना आक्रोश क्यों है? और ऐसा क्या हुआ कि आंदोलनकारियों को सीबीआई कार्यालय का घेराव करना पड़ा? लोगों ने सीबीआई के कार्यलय में ताला जड़ दिया और सबसे बड़ा अहम सवाल उत्तराखंड की बेटी अंकिता को पूर्व न्याय कब और कैसे मिलेगा। दोस्तो उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर प्रदेश में विरोध तेज हो गया है। देहरादून में विभिन्न सामाजिक और आंदोलनकारी संगठनों ने सीबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए जांच की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीबीआई द्वारा मामला दर्ज किए जाने के कई महीने बाद भी जांच की प्रगति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसी को लेकर लोगों ने कार्यालय का घेराव किया और जल्द, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग उठाई। अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की धीमी रफ्तार पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस मसले पर गुरुवार दो जुलाई को अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच से जुड़े लोगों ने देहरादून के सीमा द्वार में स्थित सीबीआई कार्यालय का घेराव किया। भारी बारिश के प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए हल्लाबोल किया। दोस्तो बताया जा रहा है कि पुलिस ने भी अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए सीबीआई कार्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया था। फिर भी कुछ आंदोलनकारी महिलाओं ने सीबीआई के दूसरे प्रवेश द्वार पर पहुंच कर प्रतीकात्मक रूप से तालाबंदी की। इस दौरान अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर संयुक्त संघर्ष मंच के कार्यकर्ताओं के साथ सीबीआई अधिकारियों की वार्ता भी हुई, जहां अधिकारियों के समक्ष अंकिता मामले को लेकर कुछ सवाल भी उठाए गए और वर्तमान स्थिति पर जवाब मांगा गया. कार्यालय के बाहर मंच से जुड़े लोगों ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के मोहित डिमरी ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच को संस्तुति किए 6 महीने का समय होने जा रहा है, लेकिन जांच कहां पर अटकी हुई है, यह समझ से परे है। इसके अलावा दोस्तो कि मंच ने पहले भी इस बात को सीबीआई अधिकारियों के समक्ष रखा था कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए जो जांच सीबीआई की चल रही है, वह कहां तक पहुंची, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। दोस्तो लोगों ने कहा इस प्रकरण में कथित वीआईपी कौन है और क्या उनसे पूछताछ की गई है। रिजॉर्ट में बुलडोजर चलाकर संभावित साक्ष्य मिटाने वालों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई है? 6 महीने बाद भी सीबीआई जांच में कितनी प्रगति हुई है। अंकिता भंडारी के माता-पिता को अब तक सीबीआई ने क्यों नहीं बुलाया? ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब जानने के लिए आज मंच से जुड़े लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि यह केवल अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई नहीं है बल्कि उत्तराखंड की महिलाओं की सुरक्षा, लोकतांत्रिक जवाबदेही और विश्वसनीयता की भी लड़ाई है। तो सवाल अब भी वहीं खड़े हैं। आखिर अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच किस चरण में है? जांच की प्रगति को लेकर अब तक सार्वजनिक रूप से कितनी जानकारी सामने आई है? और जिन सवालों को लेकर आंदोलनकारी सड़कों पर उतरे हैं, उनका जवाब कब मिलेगा?फिलहाल प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग दोहराई है। वहीं, सीबीआई की ओर से जांच जारी होने की बात कही गई है, लेकिन जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या पीड़ित परिवार तथा प्रदेश की जनता को उनके सवालों के जवाब मिल पाते हैं।फिलहाल इस खबर में इतना ही। आप इस पूरे मामले पर क्या सोचते हैं? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए। नमस्कार।