ND Tiwari के बाद CM Dhami का कमाल! | Dehradun | BJP | Congress | Politics | Uttarakhand News

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क्या उत्तराखंड की राजनीति में एक नया इतिहास लिखने जा रहे हैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी? क्या वह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन.डी. तिवारी के लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड की बराबरी या उसे पीछे छोड़ने की ओर बढ़ रहे हैं? और आखिर ऐसा क्या है कि बीजेपी जश्न की तैयारी में जुटी है, जबकि कांग्रेस इसे उपलब्धि नहीं बल्कि राजनीतिक प्रचार बता रही है? क्या यह सिर्फ एक रिकॉर्ड का मामला है या फिर 2027 की सियासी लड़ाई का आगाज़? इन्हीं तमाम सवालों के जवाब मेरी ये रिपोर्ट। दोस्तो उत्तराखंड में चुनाव नजदीक आ रहा है और पावर पॉलिटिक्स भी चरम पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बतौर सीएम रहते हुए 5 साल का कार्यकाल 4 जुलाई 2026 को पूरा होने जा रहा है. ऐसे में सरकार और बीजेपी संगठन दोनों ही बड़ा कार्यक्रम करने की तैयारी हैं। एक तरफ जहां सरकार तैयारी में जुटी हुई है तो वहीं, दूसरी ओर बीजेपी संगठन भी पांच साल के कार्यकाल पूरा होने को लेकर जश्न मनाने की रणनीति तैयार कर रहा है। दोस्तो बीजेपी सीएम धामी के पांच साल के कार्यकाल का जश्न इसीलिए भी मानने जा रही है, ताकि उत्तराखंड में एनडी तिवारी के बाद सीएम धामी ही ऐसे मुख्यमंत्री है, जिन्होंने अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूर्व सीएम दिवंगत एनडी तिवारी के रिकॉर्ड को तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

दोस्तो यहां मै आपको ये बता दूं कि UP से अलग होकर 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था। इसके बाद साल 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में पहली निर्वाचित सरकार कांग्रेस पार्टी की बनी और 2 मार्च 2002 को एनडी तिवारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। खास बात ये रही कि एनडी तिवारी ने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा किया, लेकिन दोस्तो उसके बाद कोई भी मुख्यमंत्री 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए. हालांकि अब चार जुलाई 2026 को सीएम धामी के पांच साल पूरे होने जा रहे है। इन पांच साल में एक साल उनकी पहली सरकार का भी है। दरअसल, दोस्तो साल 2022 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले जुलाई 2021 में राज्य की कमान पुष्कर सिंह धामी को सौंप दी गई. इसके बाद 4 जुलाई 2021 को पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद से ही सीएम धामी लगातार राज्य की बागडोर संभाल रहे हैं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का कार्यकाल 2 मार्च 2002 से 7 मार्च 2007 रहा था।

वहीं दोस्तो बतौर मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने 5 साल 5 दिन यानी 1831 दिन राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी भूमिका निभाई थी। वही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई 2021 को राज्य की कमान संभाली थी जिसके बाद वर्तमान समय यानी 29 जून 2026 तक 1821 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का रिकॉर्ड तोड़ने में अब महज 10 दिन का ही वक्त बचा है, लेकिन 4 जुलाई को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 5 साल का वक्त पूरा होने जा रहा है, जिसे चलते भाजपा एक बड़े जश्न को मनाने की तैयारी में है। इससे पहले दोस्तो खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश की आजादी के बाद पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने बतौर प्रधानमंत्री पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ऐसे में पूरे देश भर में बीजेपी संगठन की ओर से कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल को 5 साल का वक्त पूरा होने और पूर्व मुख्यमंत्री पंडित तिवारी के मुख्यमंत्री कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ने का समय नजदीक आते ही एक हफ्ते का कार्यक्रम भाजपा संगठन तय करने जा रही है। दोस्तो इस एक हफ्ते के दौरान प्रदेश भर में कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित होंगे. इसके लिए जल्द ही प्रदेश भाजपा मुख्यालय की ओर से रूपरेखा भी तैयार कर ली जाएगी, लेकिन बीजेपी वालों का कहना है कि इस 9-10 साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 5 साल का कार्यकाल पूरा होने का शुभ दिन जुलाई महीने में आने वाला है। ऐसे में भाजपा पूरे उत्साह के साथ प्रदेश भर में एक हफ्ते तक कार्यक्रमों का आयोजन करेगी, जिन कार्यक्रमों का रोडमैप जल्द ही तैयार किया जाएगा।

वहीं दूसरी ओर दोस्तो बीजेपी के इस जश्न पर कांग्रेस वाले तंज कस रहे हैं। कांग्रेस कहती है कि बीजेपी को 5 साल का कार्यकाल पूरा होने पर नहीं बल्कि 10 साल का कार्यकाल पूरा होने पर कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। साथ ही कांग्रेस ये कहती दिखाई दे रही है कि बीजेपी को बताना चाहिए कि कैसे त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जमीनों की लूट शुरू की थी और सीएम धामी ने उसे क्लाइमैक्स तक पहुंचाने का काम किया है। प्रदेश में बढ़ती महिलाओं के खिलाफ अपराध के बारे में जनता को बताना चाहिए, इसके साथ ही पेपर लीक, खनन, शराब, पलायन समेत अन्य मामलों में जो राज्य सरकार की उपलब्धि है, उसको भी जनता को बताना चाहिए. ऐसे में उनका मानना है कि अगर यह सभी उपलब्धियां जनता को बताएंगे तो जनता उनका धन्य मानेगी। तो दोस्तों, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच साल का कार्यकाल पूरा होना सिर्फ एक प्रशासनिक पड़ाव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति में एक अहम राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। एक ओर बीजेपी इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए बड़े स्तर पर जश्न मनाने की तैयारी कर रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस सरकार के कामकाज और उपलब्धियों पर सवाल खड़े कर रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह रिकॉर्ड 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए राजनीतिक बढ़त का आधार बनेगा, या फिर कांग्रेस सरकार के दावों को मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाएगी? इसका जवाब आने वाला समय और प्रदेश की जनता ही तय करेगी। फिलहाल इस खबर में इतना ही। आप इस पूरे मुद्दे पर क्या सोचते हैं? क्या पांच साल का कार्यकाल अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, या फिर असली पैमाना सरकार का कामकाज और जनता का भरोसा होना चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।