उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय (UAU) के हर्रावाला मुख्य परिसर में सोमवार को परीक्षा परिणामों में देरी के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। BAMS और BUMS के छात्र पेट्रोल की बोतलें लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सोमवार दोपहर से शुरू हुआ यह हाई-वोल्टेज ड्रामा करीब 14 घंटे तक चला और देर रात करीब 1:30 बजे विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही समाप्त हुआ। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि पिछले ढाई से चार वर्षों से उनके परीक्षा परिणाम अटके हुए हैं। इसके चलते लगभग 1500 छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियां, इंटर्नशिप, उच्च शिक्षा और भविष्य पूरी तरह अधर में लटक गया है।
सोमवार दोपहर लगभग 11 बजे चार छात्र सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर स्थित ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। उनके हाथ में पेट्रोल की बोतलें थीं और उन्होंने मांगें पूरी न होने पर आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी दी।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन दल और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। छात्रों को नीचे उतारने के लिए लगातार मान-मनौव्वल और लाउडस्पीकर से बातचीत की गई, लेकिन छात्र कुलपति से सीधे लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। देर रात विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कुलपति ने छात्रों को लिखित में भरोसा दिया कि अगले 10 दिनों के भीतर उनकी समस्याओं और रुके हुए परीक्षा परिणामों का विधिवत समाधान निकाल लिया जाएगा।लिखित आश्वासन मिलने के बाद रात करीब 1:30 बजे सभी छात्र सुरक्षित टंकी से नीचे उतरे, जिसके बाद पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने राहत की सांस ली।