Chardham ड्रीम टनल के ऊपर भारी खतरा! Rudraprayag में पहाड़ी दरकी Landslide | DM | Uttarakhand News

Spread the love

ड्रीम टनल, जो चारधाम यात्रा की नई उम्मीद बनने वाली थी, आखिर उद्घाटन से पहले वहां ऐसा क्या हुआ कि प्रशासन को मौके पर दौड़ना पड़ा? क्या पहाड़ की दरारें किसी बड़े खतरे की घंटी हैं? लैंडस्लाइड के बाद उठ रहे सवालों के बीच डीएम खुद ग्राउंड पर उतरे हैं। क्या सुरक्षित है ड्रीम टनल? क्या समय पर शुरू हो पाएगी ये बड़ी परियोजना? दोस्तों, चारधाम यात्रा की जिस ड्रीम टनल को लेकर बड़ी उम्मीदें थीं, क्या वही टनल उद्घाटन से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है? दोस्तो खबर बताने से पहले आपको एक तस्वीर दिखाना चाहता हूं। चारधाम यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल रुद्रप्रयाग की करीब 900 मीटर लंबी टनल उद्घाटन से पहले ही मुश्किल में आ गई है। टनल के बाहरी हिस्से के ऊपर स्थित पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर टूट गया। इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. घटना ने करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दोस्तो यहां आपको बता दूं कि यह टनल भविष्य में बदरीनाथ हाईवे और केदारनाथ हाईवे को सीधे जोड़ने वाली है। इसके बनने से रुद्रप्रयाग शहर में वर्षों से लगने वाले भीषण जाम से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन उद्घाटन से पहले ही हुए इस हादसे ने परियोजना को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दोस्तो इस एक तस्वीर को देख कर ये कहा गया कि पहाड़ी दरकने से टनल के बाहर निर्माणाधीन आवासीय परिसर को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर मलबा गिरने से निर्माणाधीन संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और निर्माण एजेंसियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी स्थिति का जायजा लेने पहुंच गए। दोस्तो जहां एक तरफ प्रशासनिक अमला चिंता और नुकसान का आकलन कर रहा है वहीं दूसरी स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर उठाए सवाल: स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार बारिश के साथ-साथ निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।

स्थानीय लोग कहते हैं कि यदि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और वैज्ञानिक मानकों के अनुसार किया गया होता, तो उद्घाटन से पहले इस तरह पहाड़ी नहीं दरकती। वहीं दूसरी लगातार हो रही बारिश के बीच रुद्रप्रयाग बाईपास टनल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बारिश के चलते टनल के बाहरी स्लोप ट्रीटमेंट क्षेत्र में भूस्खलन हुआ, जिसके बाद जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि डीएम ने साफ किया है कि टनल की संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और यातायात सामान्य रूप से जारी है। वहीं तकनीकी टीम और भू-वैज्ञानिकों को प्रभावित क्षेत्र की जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जल्द जरूरी मरम्मत कार्य कराया जा सके। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उद्घाटन से पहले पहाड़ी का दरकना निर्माण गुणवत्ता में बड़ी चूक का संकेत है, या फिर लगातार हो रही भारी बारिश इसकी मुख्य वजह है। इस घटना ने चारधाम यात्रा की इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर नई बहस छेड़ दी है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।