राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के नवनिर्मित पोस्ट ग्रेजुएट (PG) हॉस्टल भवन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। महज दो साल पहले बनकर तैयार हुई इस बहुमंजिला इमारत के कमरों और गलियारों में लगी नई टाइलें अभी से उखड़ने लगी हैं, जिससे पूरे हॉस्टल परिसर में बदहाली का मंजर दिखने लगा है। हाल ही में कॉलेज प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान हॉस्टल की दीवारों और फर्श की यह दयनीय स्थिति खुलकर सामने आई। भविष्य के डॉक्टरों के रहने वाले इस परिसर में हुए इस घटिया निर्माण कार्य को लेकर छात्रों में भी गहरा आक्रोश है और उन्होंने इसे अपनी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया है।
हॉस्टल की इस दुर्दशा पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना ने इस निर्माण कार्य में हुई तकनीकी खामियों और लापरवाही के लिए जिम्मेदार कार्यदायी संस्था पेयजल निगम को आड़े हाथों लिया है। प्रशासन ने संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी कर तुरंत लिखित स्पष्टीकरण (जवाब) तलब किया है। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था को कड़ी चेतावनी दी गई है कि हॉस्टल भवन में आई सभी तकनीकी खराबियों और उखड़ी हुई टाइलों को बिना किसी देरी के अपने खर्च पर तुरंत ठीक किया जाए, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी व वित्तीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।