ED का ऐक्शन! Harish Rawat के बड़े फैसले से हड़कंप!| Congress | Chandan Singh Jeena |Uttarakhand News

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दोस्तो उत्तराखंड की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और विस्फोटक खबर! क्या पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सबसे बड़े राजदार के घर पड़ी ED की रेड ने हिला दिया है कांग्रेस का सिंहासन? नोटों की गड्डियां, सोने के सिक्के और रोलेक्स-राडो जैसी लग्जरी घड़ियों का अंबार और इस बरामदगी के ठीक बाद हरीश रावत का अचानक पदों से इस्तीफे का ऐलान! क्या यह महज एक इत्तेफाक है या फिर ‘पहाड़’ की राजनीति में आने वाला है कोई बहुत बड़ा तूफान? दोस्तो उत्तराखंड की राजनीति में शुक्रवार रात एक ऐसा सियासी धमाका हुआ, जिसने कांग्रेस से लेकर सत्ता के गलियारों तक सबको सन्न कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सबसे करीबी, उनके पूर्व ओएसडी और मौजूदा पीए चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ईडी ने तबाड़तोड़ छापेमारी की है। इस कार्रवाई के तुरंत बाद खुद हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर आकर कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पदों से हटने की पेशकश कर डाली!दोस्तो आखिर क्यों पड़ा हरीश रावत के खासमखास के घर पर छापा? वजह है, साल 2016 का कुख्यात UKSSSC (VPDO) भर्ती घोटाला।

आरोप है कि ओएमआर सीट (OMR Sheets) के खाली गोलों को पैसे लेकर अवैध तरीके से भरा गया था। जब ईडी की टीम ने चंदन जीना के देहरादून आवास को खंगाला, तो वहां से 32 लाख रुपये बेहिसाबी कैश, 200.5 ग्राम से अधिक सोना (13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन) और 12 लग्जरी कलाई घड़ियां बरामद हुईं! इतना ही नहीं, उनके और उनके परिवार के बैंक खातों में मौजूद 52.16 लाख रुपये भी ईडी ने फ्रीज कर दिए हैं। दोस्तो इस बड़ी बरामदगी के बाद हरीश रावत ने बिना वक्त गंवाए पदों से हटने का ऐलान किया, उन्होंने कहा कि वो नहीं चाहते कि उनके किसी सहयोगी की वजह से कांग्रेस के भ्रष्टाचार-विरोधी संघर्ष को कोई ठेस पहुंचे हालांकि, रावत ने यह भी साफ कर दिया कि वो सिर्फ पदों से हट रहे हैं, कांग्रेस की सदस्यता से नहीं, क्योंकि “कांग्रेस की सदस्यता उनके खून और हड्डियों में है”। लेकिन विरोधी पूछ रहे हैं कि अगर कुछ गलत नहीं हुआ, तो यह जल्दबाजी में उठाया गया कदम क्या किसी गहरे डर का संकेत है? ऊधर दोस्तो देहरादून में UKSSSC मामले को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने ED की कार्रवाई पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की लंबे समय से जांच चल रही है और ED की छापेमारी के बाद उम्मीद है कि जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उन्होंने कांग्रेस से मामले को राजनीतिक मुद्दा न बनाने की अपील की। वहीं, हरीश रावत के कांग्रेस के पदों से इस्तीफे पर महेंद्र भट्ट ने कहा कि हरीश रावत वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन अब उन्हें राजनीति से संन्यास लेने पर विचार करना चाहिए। साथ ही उन्होंने हरीश रावत के बयानों और उनके राजनीतिक रुख पर भी सवाल उठाए।दोस्तो इस छापे ने उत्तराखंड की सियासत में वो चिंगारी सुलगा दी है, जो आने वाले दिनों में दावानल बन सकती है। एक तरफ जहां बीजेपी इस मुद्दे पर कांग्रेस को पूरी तरह घेरने और उसे भ्रष्टाचार के दलदल में धकेलने की रणनीति बना रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस जांच की आंच चंदन सिंह जीना से होते हुए खुद हरीश रावत तक भी पहुंचेगी? देवभूमि के इस सबसे बड़े सियासी ड्रामे पर हमारी नजर लगातार बनी रहेगी।