रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 जून की शाम 7 निहंगों के घुसने के बाद से चला आ रहा घटनाक्रम अब समाप्त होता नज़र आ रहा है। Nihang Sikhs On Roof Rudraprayag इस हाई-वोल्टेज घटनाक्रम के बाद गुरुद्वारे की छत पर डटे 2 निहंग सिख तो नीचे उतर आए थे लेकिन अभी भी 5 निहंग गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर हैं. प्रशासन को उम्मीद है कि आज मामला पूरी तरह सुलझ जाएगा। इंटरनेट भी अब शुरू हो गया है. डीएम और एसपी ने इसे आपसी विवाद बताया है और अफवाहों से बचने की अपील की है. नगरासू गुरुद्वारे के बाहर एहतियात के लिए आईटीबीपी भी तैनात है। वहीँ जो पांच निहंग अभी भी गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर मौजूद हैं, उनमें से एक खाना लेने नीचे आया था. इस दौरान ऊपर मौजूद चार निहंगों ने अपने साथी को कवर देने के लिए पथराव कर दिया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए आज सुबह ही नगरासू गुरुद्वार के बाहर आईटीबीपी को भी तैनात किया गया है। वहीँ दो निहंग छत से उतरे थे वो रुद्रप्रयाग प्रशासन से माफी मांगने के बाद अपने घर को जा चुके हैं. पांच निहंगों का अभी भी गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर कब्जा है. दूसरी तरफ नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 जून 2026 को हुई घटना के संबंध में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आमजन एवं श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्री हेमकुंड साहिब यात्रा एवं चारधाम यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है तथा कहीं भी किसी प्रकार का व्यवधान नहीं है।
दूसरी तरफ गुरूद्वारे में लगातार डटे निहंगो को देखकर गुरुद्वारा प्रबंधन और स्थानीय जनता भी सकते में है। सभी को इस बात का डर सत्ता रहा है कि देरी होने से कहीं बात ना बिगड़ जाये। वहीँ इस पूरे मामले को लेकर अब राजनीति भी होने लगी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पुलिस की तरफ से जारी किए गए बयान पर सवाल खड़ा किया है। कर्णप्रयाग और नगरासू में हुई हिंसा पर अब उत्तराखंड क्रांति दल ने भी सख्त रुख अपनाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच मामूली बोलचाल का हिंसक हो जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि चारधाम यात्रा सीजन में पर्याप्त सुरक्षा न देकर सरकार फेल रही है। उक्रांद ने मांग की है कि निहंगों समेत सभी आरोपियों पर FIR दर्ज हो। निहंगों द्वारा तलवार लहराने को आत्मरक्षा न माना जाए। साथ ही हेमकुंड साहिब समेत सभी सिख धार्मिक स्थलों पर श्राइन बोर्ड बनाने और प्रबंधन का अधिकार राज्य के मूल सिखों को देने की मांग उठाई है। बिष्ट ने कहा नफरत फैलाने वाले देश के लिए कैंसर के समान हैं।