जी हां दोस्तो क्या सोशल मीडिया की लड़ाई अब पुलिस थाने तक पहुंच गई है? क्या एक महिला ब्लॉगर को लगातार बदनाम किया जा रहा था या फिर यह सिर्फ सोशल मीडिया की आपसी तकरार है?आखिर ऐसी कौन-सी पोस्ट और वीडियो थे। जिनके बाद एक महिला ब्लॉगर सीधे कोतवाली पहुंच गई?क्या पुलिस इस मामले में कार्रवाई करेगी या यह विवाद अब और बड़ा रूप लेने वाला है?इन्हीं सवालों के जवाब देंगे इस रिपोर्ट में। दोस्तो सोशल मीडिया, जहां लोग अपनी पहचान बनाते हैं। वहीं अब यही प्लेटफॉर्म विवादों की वजह भी बनता जा रहा है। दोस्तो हल्द्वानी में दो महिला ब्लॉगरों के बीच शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। दोस्तो हल्द्वानी निवासी महिला ब्लॉगर ज्योति अधिकारी ने आरोप लगाया है कि पिछले कई महीनों से एक अन्य महिला ब्लॉगर लगातार सोशल मीडिया पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ वीडियो और पोस्ट साझा कर रही है, जिससे उनकी छवि धूमिल हो रही है और उन्हें बदनाम किया जा रहा है।
दोस्तो इतना ही नहीं, उन्होंने कोतवाली गेट के बाहर से सोशल मीडिया पर लाइव आकर भी अपनी बात रखी और कार्रवाई की मांग की। ज्योति अधिकारी का कहना है कि उन्होंने पहले भी अलग-अलग थानों में शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां और वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं, जिससे उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक छवि प्रभावित हो रही है। दोस्तो कुछ समय पहले काठगोदाम चौपाटी में दो महिला ब्लॉगर्स, ज्योति अधिकारी और सुनीता भट्ट के बीच हुई हाथापाई ने पूरे शहर में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उस मामले में पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर एक रात कस्टडी में रखा था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया, जिसमें एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर निशाना न बनाने पर सहमति बनी थी, लेकिन एक बार फिर घमासान शुरू हो चुका है। दोस्तो अब यह विवाद फिर से तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। ज्योति अधिकारी मुखानी थाने पहुंचीं और आरोप लगाया कि सुनीता भट्ट समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए उनके खिलाफ दोबारा वीडियो पोस्ट कर रही हैं। ज्योति अधिकारी का कहना है कि यदि पुलिस इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो वह फिर से काठगोदाम चौपाटी जाकर आमने-सामने लड़ाई करेंगी।
दोस्तो फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए क्या कदम उठाता है और क्या दोनों पक्षों के बीच फिर से समझौता हो पाएगा या यह मामला एक बार फिर सड़क तक पहुंच जाएगा। उधर पुलिस का कहना है कि शिकायत मिल गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। कोतवाल का कहना है कि सभी तथ्यों और डिजिटल सामग्री की जांच के बाद जो भी कानूनी कार्रवाई बनती होगी, वह की जाएगी। यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि क्या सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपों को नजरअंदाज किया जा सकता है? विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ झूठे या मानहानिकारक आरोप लगाए जाते हैं, तो ऐसे मामलों में कानून के तहत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होता है।फिलहाल पूरे मामले की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। क्या जांच में आरोप सही साबित होंगे?क्या दोनों पक्षों के बीच यह विवाद और बढ़ेगा? या फिर पुलिस जांच के बाद पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी?इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे।