मसूरी में बारिश के बीच लैंडस्लाइड ने ऐसा कहर बरपाया कि SDM कैंपस का आवास भी इसकी चपेट में आ गया। पहाड़ से आए भारी बोल्डर दीवार तोड़कर आवास में जा घुसे और अब यहां रहने वाले कर्मचारियों में ऐसा डर है कि उन्होंने साफ कह दिया—अब यहां नहीं रहेंगे! आखिर मौके पर ऐसा क्या हुआ और क्यों कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने तक की बात कहनी पड़ी? दोस्तो उत्तराखंड में मौसम अपना कहर बरपा रहा है.. कई इलाकों हाहाकार जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। ऐसे में दोस्तो देहरादून ज्यादा दूर नहीं लेकिन आज मासूनी आपत का गवाह है वो है मसूरी जी हां दोस्तो पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है मसूरी एसडीएम कार्यालय परिसर स्थित सरकारी कर्मचारी आवासों पर अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक गया. भारी-भरकम बोल्डर सीधे एक कर्मचारी के आवास में जा घुसा। गनीमत रही कि जिस कमरे में चट्टान गिरी, उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
वीडियो दोस्तो घटना के बाद पूरे कर्मचारी परिसर में दहशत फैल गई। आसपास रहने वाले परिवार अपने घरों से बाहर निकल आए। कर्मचारियों का कहना है कि पहाड़ी लगातार दरक रही है और आए दिन पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में यहां रहना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है. इसके अलवा दोस्तो एसडीएम कार्यालय परिसर में रहने वाले पांच कर्मचारियों और उनके परिवारों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किए जाने अथवा स्थानांतरण की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने परिवारों की जान खतरे में डालकर यहां नहीं रह सकते। यदि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो वे स्थानांतरण की मांग करेंगे। कुछ कर्मचारियों ने यहां तक कहा कि उनकी सेवा के कुछ ही वर्ष शेष हैं, लेकिन परिवार की सुरक्षा से बढ़कर नौकरी नहीं है. जरूरत पड़ी तो नौकरी छोड़ना भी मंजूर होगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि आवासों के ऊपर पहाड़ी पर जल संस्थान का बड़ा पानी का टैंक बना हुआ है, जिसमें लाखों लीटर पानी इकट्ठा रहता है।
लोगों का कहना है कि यदि लगातार हो रहे भूस्खलन से टैंक को नुकसान पहुंचा, तो स्थिति और भयावह हो सकती है.वहीं क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में निर्माण कार्य किया जा रहा है. वहां दिन-रात खुदाई चल रही है, जिससे पहाड़ी कमजोर हुई है. लोगों ने इसकी जांच कर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। इधर दोस्तो घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम मसूरी राहुल आनंद मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के आवश्यक कदम उठाने की बात कही। उधर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीरा सकलानी भी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने एसडीएम से दूरभाष पर वार्ता कर कर्मचारियों और उनके परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने तथा भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मीरा सकलानी ने कहा कि-बारिश से बढ़ा भूस्खलन का खतरा: मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञ भी लगातार बारिश के दौरान संवेदनशील पहाड़ियों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं. एसडीएम कार्यालय परिसर की यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित आवास और भू-सुरक्षा के सवाल खड़े कर रही है। प्रशासन अब प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने और पहाड़ी की तकनीकी जांच कराने की तैयारी में जुट गया है। मसूरी में बारिश अभी जारी है, और बारिश के साथ पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा भी बढ़ रहा है।इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि पहाड़ी शहरों में सरकारी आवास हों या आम लोगों के घर। क्या सिर्फ मकान बनाना काफी है, या उसके आसपास की पहाड़ी की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है?फिलहाल प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने और जरूरी कदम उठाने की बात कही है।लेकिन इन पांच परिवारों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या वे अगली बारिश का इंतजार करें या उससे पहले उन्हें सुरक्षित जगह मिल जाएगी?