किच्छा थप्पड़ कांड पर अब खाकी का फुल एक्शन!स्ट्रांग रूम बना था अखाड़ा,अब पुलिस ने उपद्रवियों पर कसा शिकंजा! मुख्य आरोपी धीरज कुमार से लेकर दोनों गुटों के माननीय तक। किस-किस पर गिरी पुलिस की गाज? 30 गिरफ्तारियों के बाद किच्छा में सियासी बवाल पर ब्रेक लगा या अभी बाकी है बड़ा एक्शन? देखिए मेरी ये पूरी खबर। OAMDLA किच्छा में चुनाव के नाम पर गुंडागर्दी करने वालों पर ऊधमसिंह नगर पुलिस का सबसे बड़ा चाबुक चल गया है! स्ट्रांग रूम के बाहर माननीय विधायक को थप्पड़ मारने और लोकतंत्र को लहूलुहान करने वाले उपद्रवियों को खाकी ने उनकी सही जगह पहुंचा दिया है। एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पक्षों के करीब 30 से ज्यादा लोगों को दबोच लिया है। मुख्य हमलावर पुलिस की सलाखों के पीछे रो रहा है। आखिर पुलिस ने इस सियासी ड्रामे को शांत करने के लिए क्या-क्या कड़े कदम उठाए? बीजेपी के कितने अंदर गए और कांग्रेस पर क्या एक्शन हुआ? दोस्तो इस तस्वीर को देख रहे हैं जरा गौर कीजिए इस पर, इसमें बीजेपी के पूर्व विधायक हैं राजीव प्रताप शुक्ला और उनके ठीक बगल में एक लाल या पिंकिस कलर की सर्ट में एक और व्यक्त है। दूसरी तरफ पुलिस है और पुलिसकर्मियों के ठीक पीछे हैं कांग्रेस के नेता और मौजूदा विधायक तिरक राज बेहड़, शायद कुछ ब्युइस कलर की सर्ट पहनी है यहां आप देख पाएंगी कैसे पुलिसमर्मियों के बीच में से हाथ लंबा कर ये शुक्ला जी की तरफ का व्यक्ती बेहड़ को थप्पड़ जड़ता है इसका नाम है धीरज कुमार। दोस्तो तस्वीरें गवाह हैं कि किच्छा में कानून व्यवस्था को किस कदर ठेंगे पर रख दिया गया था। मंडी समिति के थ्री-लेयर सुरक्षा घेरे को तोड़कर बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। लात-घूंसे चले और जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तो ऊधमसिंह नगर पुलिस ने अपना रौद्र रूप दिखाया। पुलिस ने चारों तरफ से उपद्रवियों को घेरा और तड़ातड़ लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। महज कुछ ही मिनटों में पुलिस के कड़े एक्शन ने उपद्रवियों के हौसले पस्त कर दिए और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया।
दोस्तो पुलिस का सबसे पहला और बड़ा निशाना बना वो शख्स, जिसने कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ पर हाथ झपटने की जुर्रत की थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बीजेपी समर्थक मुख्य आरोपी धीरज कुमार (निवासी आस्था कॉलोनी, लालपुर) को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ 170 BNSS के तहत मुकदमा ठोक दिया गया है। ऐसी खबर आई, पुलिस ने साफ कर दिया कि पार्टी का झंडा चाहे जो हो, कानून से बड़ा कोई नहीं। कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाने के लिए पुलिस ने कांग्रेस खेमे पर भी कड़ा शिकंजा कसा। एक तरफ विधायक तिलकराज बेहड़ रो-रोकर पुलिस सुरक्षा पर सवाल उठा रहे थे, तो दूसरी तरफ पुलिस ने माहौल को और बिगड़ने से रोकने के लिए विधायक बेहड़ और उनके दर्जनों समर्थकों को भी मौके से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 30 लोगों को हिरासत में लेकर गाड़ियों में भरा और अलग-अलग थानों में ले गई ताकि किच्छा की सड़कों पर दोबारा दंगा न भड़क सके गिरफ्तारियों के बाद पुलिस का अगला कदम था स्ट्रांग रूम को अभेद्य किला बनाना। लेकिन यहां एक चौकाने वाली खबर भी आई जहां लेकिन थोड़ी देर में जिस पर आरोप लगा थप्पड़ मारने का उसको कुछ ही घंटे में ही जमानत मिल गई, तो धीरज कुमार ने बेहड़ पर ही कई आरोप लगा दिये। इधर एसएसपी के आदेश पर मंडी समिति के 500 मीटर के दायरे को नो-गो ज़ोन घोषित कर दिया गया। किसी भी नेता या समर्थक को वहां फटकने की भी इजाजत नहीं है। पुलिस अब स्ट्रांग रूम और मंडी परिसर के तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर और भी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है, और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होना तय है। दोस्तो किच्छा के इस हाई-वोल्टेज सियासी ड्रामे को ऊधमसिंह नगर पुलिस ने अपने कड़े एक्शन से फिलहाल शांत तो कर दिया है, लेकिन सलाखों के पीछे पहुंचे 30 लोगों के बाद अब यह लड़ाई अदालतों और विधानसभा की विशेषाधिकार समिति तक पहुंचने वाली है। देखना होगा कि खाकी की इस चार्जशीट में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल होते हैं।