उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में शुरू हुए दो दिवसीय विधानसभा सत्र के पहले ही दिन भारी बवाल देखने को मिला है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और प्रदेश प्रधान संगठन के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा का जोरदार घेराव किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए प्रशासन ने दिवालीखाल और जंगलचट्टी मार्ग पर कड़ी बैरिकेडिंग की थी, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ता सुरक्षा घेरे को तोड़कर आगे बढ़ने लगे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
सड़क से लेकर सदन के भीतर तक चल रहे इस हंगामे के बीच धामी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया। एक तरफ जहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और करण माहरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला, वहीं उत्तराखंड क्रांति दल ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। भारी सुरक्षा बंदोबस्त और करीब 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद सत्र का पहला दिन पूरी तरह से राजनीतिक रार और हंगामे की भेंट चढ़ गया, जिसने आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच और भी तीखे टकराव के संकेत दे दिए हैं।