उत्तराखंड के हरिद्वार की खानपुर सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने किसानों, भ्रष्टाचार और क्षेत्रीय जनता के मुद्दों पर सत्ता पक्ष व विपक्ष का सहयोग न मिलने के कारण विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के पहले ही दिन (27 अक्टूबर 2026) उमेश कुमार ने इस बड़े फैसले की घोषणा कर राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरिद्वार में बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं, लेकिन इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मुद्दे पर सदन के भीतर विपक्ष ने जनता की आवाज उठाने में उनका साथ नहीं दिया, जिससे आहत होकर वे यह कदम उठा रहे हैं।
निर्दलीय विधायक ने दोनों ही मुख्य दलों (भाजपा और कांग्रेस) पर उत्तराखंड की मूल समस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए अपनी भविष्य की राजनीतिक राह भी साफ कर दी है। उमेश कुमार ने साफ तौर पर कहा कि वे किसी भी पारंपरिक दल में शामिल नहीं होंगे, बल्कि भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य अब सदन के भीतर अपने जैसे जमीनी और समर्पित लोगों की संख्या बढ़ाना है, ताकि हरिद्वार और पूरे उत्तराखंड के लोगों के हक में मजबूती से आवाज उठाई जा सके। इस इस्तीफे के साथ ही उन्होंने राज्य में एक नए राजनीतिक मोर्चे या पार्टी के गठन के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं।