हरिद्वार: कल से शुरू होने जा रही कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। हरिद्वार से लेकर नीलकंठ तक 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा कांवड़ यात्रा रूट पर 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें 300 सीसीटीवी कैमरे हरिद्वार से ऋषिकेश, जबकि 100 से अधिक कैमरे नीलकंठ रूट पर लगाए गए हैं। यात्रा का जायजा लेने के लिए पुलिस ड्रोन का भी सहारा लेगी। कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार आने वाले शिव भक्तों के पंजीकरण के लिए उत्तराखंड पुलिस ने वेबसाइट जारी की है। पुलिस ने कांवड़ियों से अपील की कि वह असुविधा से बचने के लिए यात्रा पर आने से पहले पंजीकरण कर लें।
कांवड़ियों की संख्या का अनुुमान लगाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने चारधाम यात्रा की तरह ही श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में आने वाले कांवड़ियों से पंजीकरण करने की अपील की है। इसके लिए इसके लिए उत्तराखंड पुलिस ने वेबसाइट भी जारी की है। कांविड़यों को https://policecitizenportal.uk.gov.in/Kavad वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण कराने के लिए मात्र तीन आसान स्टेप अपनाने हैं। जिसमें सबसे पहले वेबसाइट को खोलना है। वेबसाइट खुलने के बाद अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होने के बाद एसएमएस से ओटीपी मिलेगा। उसे मोबाइल में दर्ज करना होगा और इसके बाद मांगा गया पूरा विवरण कांविड़याें को भरने के बाद पंजीकरण का बटन दबाना है। जिसके बाद पूरी जानकारी दर्ज हो जाएगी।
डीजीपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा में पहली बार रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू की गई है। चारधाम यात्रा में रजिस्टेशन के अच्छे परिणाम सामने आने के बाद यह व्यवस्था बनाई गई है। रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं किया गया है, लेकिन कांवड़ यात्रियों को अपनी व पुलिस की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए। क्योंकि कई बार कोई बिछड़ जाता है, या कोई अप्रिय घटना घट जाती है तो रजिस्ट्रेशन से उसे ढूंढने में आसानी होती है। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त धर्मनगरी पहुंचते हैं। यहां से वह ऋषिकेश समेत केदारनाथ व बदरीनाथ धाम की यात्रा पर भी जाते हैं। इसके साथ ही यात्री नीलकंठ महादेव मंदिर में भी दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते प्रतिबंधित रही कांवड़ यात्रा में इस बार बड़ी संख्या में कांवड़ियों के आने का अंदाजा लगाया जा रहा है।