Kainchi Dham ‘देवभूमि की धरती पर मिला अपार प्रेम’ | Hanuman Ansh | Neeb Karori | Uttarakhand News

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दोस्तों, देवभूमि उत्तराखंड में ‘हनुमान अंश’ की टोली पहुंची तो माहौल ही भक्तिमय हो गया!भीमताल से लेकर कैंची धाम तक कलाकारों ने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए। आशीर्वाद लिया और देवभूमि के प्यार में गदगद नजर आए!लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब कलाकारों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सम्मान और आत्मीय स्वागत का खास तौर पर जिक्र किया!आखिर देवभूमि से मिले इस प्यार ने कलाकारों को इतना भावुक क्यों कर दिया? दोस्तो देवभूमि उत्तराखंड अध्यात्म और आस्था का वो पावन केंद्र है, जहां देश-दुनिया से लोग शांति और आशीर्वाद की तलाश में खिंचे चले आते हैं। आज उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम से एक बेहद खूबसूरत और मनमोहक तस्वीर सामने आई है! रामभक्ति और हनुमान आराधना को समर्पित प्रसिद्ध ‘हनुमान अंश’ के कलाकारों की टोली भीमताल के रास्ते कैंची धाम पहुंची। कलाकारों ने बाबा नीब करौरी महाराज के पावन दरबार में शीश नवाया, ध्यान लगाया और बाबा का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त किया। लेकिन इस आध्यात्मिक यात्रा के बीच कलाकारों ने देवभूमि उत्तराखंड में मिले अभूतपूर्व स्नेह और आत्मीय स्वागत के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का हृदय से आभार और धन्यवाद जताया है! आखिर देवभूमि में ऐसा क्या हुआ कि ‘हनुमान अंश’ के कलाकार मुख्यमंत्री धामी के मुरीद हो गए? आस्था, विश्वास और चमत्कारों की भूमि कैंची धाम आज एक बार फिर विशेष रंग में रंगी नजर आई। बाबा नीब करौरी महाराज के दर पर देश के कोने-कोने से हस्तियां पहुंचती हैं, लेकिन आज का दिन बेहद खास था। रामभक्ति की रसधार बहाने वाले और ‘हनुमान अंश’ के नाम से विख्यात कलाकारों की पूरी टोली आज भीमताल होते हुए कैंची धाम पहुंची। जैसे ही इन कलाकारों ने बाबा के धाम में कदम रखा, पूरा माहौल जय श्रीराम और बाबा नीब करौरी के जयकारों से गूंज उठा। कलाकारों ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की, ध्यान लगाया और बाबा का आशीर्वाद लिया।

दोस्तो कैंची धाम में दर्शन करने के बाद कलाकारों का उत्साह और भावुकता देखने लायक थी। ‘हनुमान अंश’ के कलाकारों ने देवभूमि की जनता और यहां की सरकार की जमकर तारीफ की। कलाकारों ने विशेष रूप से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का दिल से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया. दोस्तो कलाकारों ने कहा कि— “उत्तराखंड की पावन धरती पर कदम रखते ही उन्हें जो स्नेह, जो सम्मान और जो आत्मीय स्वागत मिला है, उसने उनका दिल जीत लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में जिस तरह कलाकारों और संस्कृति का सम्मान किया जा रहा है, वह बेहद सराहनीय है।”

दोस्तो कलाकारों का यह बयान साफ करता है कि धामी सरकार न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि अतिथि सत्कार और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मोर्चे पर भी देश में एक मिसाल पेश कर रही है। दोस्तो राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों की मानें तो यह सिर्फ एक सामान्य आभार नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में उत्तराखंड ने वैश्विक पटल पर धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन में एक लंबी छलांग लगाई है। चाहे वो कैंची धाम का मास्टर प्लान हो, या फिर बाहर से आने वाले कलाकारों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुलभ वातावरण देना हो। धामी सरकार ने देवभूमि की छवि को एक ‘ग्लोबल स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित कर दिया है। यही वजह है कि जब भी देश का कोई बड़ा कलाकार या आध्यात्मिक दल यहाँ आता है, तो वह मुख्यमंत्री धामी की नीतियों की सराहना किए बिना नहीं रह पाता।

दोस्तो ‘हनुमान अंश’ की यह यात्रा भीमताल के खूबसूरत रास्तों से होते हुए कैंची धाम तक पहुंची। रास्ते भर प्रकृति की सुंदरता और फिर धाम में पहुंचकर मिली आध्यात्मिक शांति ने कलाकारों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों का कहना है कि बाबा नीब करौरी महाराज की ऊर्जा इस पूरे क्षेत्र में महसूस की जा सकती है, और वे यहां से एक अद्भुत सकारात्मक ऊर्जा लेकर अपने साथ लौट रहे हैं। दोस्तो ‘हनुमान अंश’ के कलाकारों की यह कैंची धाम यात्रा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह आभार साफ करता है कि देवभूमि में कला, संस्कृति और अध्यात्म का संगम किस कदर गहरा हो चुका है। बाबा का आशीर्वाद और सरकार का सत्कार। यही आज के बदलते उत्तराखंड की असली पहचान है, तो कैंची धाम की महिमा अपरंपार है और जब ‘हनुमान अंश’ जैसी आध्यात्मिक मंडलियां यहां पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताती हैं, तो यह साफ हो जाता है कि उत्तराखंड में मेहमानों को भगवान का दर्जा देने की परंपरा आज भी उतनी ही जीवंत है। बाबा नीब करौरी का आशीर्वाद इन कलाकारों पर और देवभूमि पर यूं ही बना रहे।