अल्मोड़ा के कैंट इलाके में लंबे समय से दहशत का सबब बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया है। 8 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 6:30 बजे दुगालखोला टॉप (शहीद सैनिक स्मारक पार्क के पास) लगाए गए पिंजरे में इस वयस्क नर तेंदुए को सफलतापूर्वक फंसाया गया। पिछले काफी समय से इस वन्यजीव ने दुगालखोला, माल गांव और करबला क्षेत्र में भारी आतंक मचा रखा था, जहां इसने कई पालतू मवेशियों को अपना शिकार बनाया और हाल ही में एक स्थानीय महिला पर भी जानलेवा हमला कर दिया था। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है।
तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलते ही वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) मौके पर पहुंची और वन्यजीव को सुरक्षित रेस्क्यू किया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए तेंदुए की उम्र लगभग 7 से 8 वर्ष है, जिसे चिकित्सीय परीक्षण के लिए एनटीडी (NTD) स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है; पूर्ण रूप से स्वस्थ पाए जाने पर उसे उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार सुदूर घने जंगल में छोड़ दिया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर, वन विभाग ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में दो अन्य पिंजरे सक्रिय रखे हैं और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए लगातार गश्त की जा रही है।