दोस्तो, उत्तराखंड तकनीकी कॉलेज में पेपर लीक हो गया। हमारे सख्त सिस्टम की सारी की सारी पोल पट्टी खुल कर सड़क पर आ गई। कैसे 12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्रों को फिर झेलना पड़ा पेपर लीक दंश साथ ही बताउंगा आपको कांग्रेस ने क्यों कह दिया इस्तीफा दो सरकार। दोस्तो जहा यूनिवर्सिटी पर युवाओं का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी है, वहीं अब पेपर लीक के आरोपों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में बीटेक परीक्षा के पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए उच्च शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी है। सवाल उठ रहा है कि आखिर बार-बार परीक्षा प्रणाली पर सवाल क्यों खड़े हो रहे हैं? कानून सख्त है, फिर भी पेपर लीक के आरोप क्यों सामने आ रहे हैं? क्या यह सिर्फ एक चूक है या सिस्टम की बड़ी नाकामी? और इसी पर कांग्रेस ने मुखर हो कर उत्तराखंड के धड़ाम हो चुके शिक्षा सिस्टम पर चढाई कर दी है और गणेश गोदियाल ने कह दिया सहकारिता, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा के बाद अब Technical शिक्षा का भी बंटाधार कर दिया। Uttarakhand Technical University का पेपर लीक, और बच्चों का भविष्य फिर लीक हो गया! दोस्तो गोदियाल ने कह दिया कि सीधा सवाल उस विभाग के मंत्री से हैं – जिम्मेदारी कौन लेगा? मुख्यमंत्री धामी जी, SIT जाँच कब? या फिर हमेशा की तरह इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल देंगे?”
इधर दोस्तो उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षा में देहरादून के शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों ने पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले छात्रों तक व्हाट्सएप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पहुंचा दिया गया। इतना ही नहीं, ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ विषय की गोपनीयता पर भी गंभीर आशंका जताई गई है। इस मामले में थाना प्रेमनगर में मुकदमे दर्ज किया गया है। दोस्तो जानकारी के मुताबिक, मामले की पुष्टि होने के बाद उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। साथ ही आरोपी सहायक प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता को अगले 7 सालों तक विश्वविद्यालय के किसी भी परीक्षा संबंधी कार्य से प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब इन दोनों विषयों की दोबारा परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी, लेकिन दोस्तो यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देशभर में भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर युवाओं में नाराजगी है। उत्तराखंड में भी पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षा में भी पेपर लीक होने से परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।