दोस्तो, दान भगवान का था लेकिन अब उस पर भी सियासत की तलवार है। एक तरफ चोरी का मामला है, दूसरी तरफ आरोपों का पिटारा है। कोई कह रहा है संरक्षण मिला, तो कोई कह रहा है सच्चाई अभी बाकी है, लेकिन भगवान के दर में चोरी हुई तो हुई कैसे। बद्रीनाथ धाम में दान चोरी केस में नया दावा आ गया सामने। कौन दे रहा है आरोपियोंक को सरक्षंण बताउंगा आपको पूरी खबर। दोस्तो, बदरीनाथ धाम के चर्चित दान चोरी मामले में अब सियासी पारा फिर चढ़ गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले का आरोपी प्रमोद नौटियाल, पूर्व BKTC अध्यक्ष का भतीजा है और उसे संरक्षण मिला। गोदियाल ने सवाल उठाया कि अगर सब कुछ पारदर्शी था, तो कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई और आखिर आरोपी को बचाने की कोशिश किसके इशारे पर हो रही थी? अब सवाल ये है कि क्या दान चोरी का मामला सिर्फ एक आपराधिक जांच तक सीमित है, या इसके तार सत्ता और संरक्षण के आरोपों तक पहुंच चुके हैं? क्या इन आरोपों का जवाब मिलेगा, या सियासत का शोर और तेज होगा? आखिर गणेश गोदियाल ने क्या आरोप लगाए। जी हां दोस्तो बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी के मामले में उत्तराखंड का सियासी पारा चढ़ गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने मंदिर समिति के चेयरमैन पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के चेयरमैन द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चेयरमैन को सिर्फ आरोप लगाने के बजाय उनके साथ ठोस सबूत भी पेश करने चाहिए। बिना सबूत के सिर्फ बयानबाजी करना ठीक नहीं है। गणेश गोदियाल ने कहा कि चोरी चेयरमैन के कार्यकाल में पकड़ी गई है और चोर भी रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ है। अब यह कहना कि यह काम किसी दूसरे के इशारे पर हुआ है या इसमें कोई 25 साल पुराना रिश्ता शामिल था, बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। इस तरह का बहाना बनाकर वे खुद को जवाबदेही से नहीं बचा सकते।
दोस्तो गणेश गोदियाल के अनुसार, बदरीनाथ धाम दान चोरी मामले में जो दूसरा आरोपी पकड़ा गया है, उसने खुद बताया है कि ये सभी काम बीकेटीसी अध्यक्ष के पीएम नौटियाल के निर्देशों पर होता था। इससे साफ होता है कि बदरीनाथ मंदिर में चोरी बीकेटीसी अध्यक्ष के निर्देश पर हो रही थी। इसके बाद भी मुख्यमंत्री ने हेमंत द्विवेदी को अध्यक्ष पद से नहीं हटाया, यह अपने आप संदेह के घेरे में है। इसके अलावा दोस्तो गोदियाल ने कहा कि इनता सब कुछ होने के बाद भी अभी तक बीकेटीसी अध्यक्ष को पद का जीवनदान क्यों दे रखा है? उसके पीछे कौन सी दोस्ती है? बीकेटीसी अध्यक्ष, मुख्यमंत्री की कौन सी कमजोरी जानते हैं, जिसके दबाव में मुख्यमंत्री निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। अब यहां तो मुख्यमंत्री इस मामले पर तत्काल निर्णय लें, नहीं तो जनता से सामने आकर इस पर अपना जवाब दें। दोस्तो कांग्रेस और गोदियाल समिति और बीजेपी के साथ ही सरकार को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार हुए दूसरे आरोपी पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान ने जांच में साफ कहा है कि उसे सारे आदेश प्रमोद नौटियाल से मिलते थे और नौटियाल को सीधे समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी आदेश देते थे। यह एक बहुत गंभीर और सीधा आरोप है, जो साबित करता है कि यह चोरी सिर्फ कुछ कर्मचारियों की व्यक्तिगत हरकत नहीं, बल्कि ऊपर से संचालित एक संगठित अपराध है। दोस्तो, बदरीनाथ धाम दान चोरी मामले में अब जांच के साथ-साथ सियासत भी तेज हो चुकी है। एक तरफ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने BKTC अध्यक्ष और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, तो दूसरी तरफ इस पूरे मामले की जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कर रही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जांच में इन आरोपों की पुष्टि होगी, या ये केवल राजनीतिक आरोप साबित होंगे? इसका जवाब जांच पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष आने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल इतना तय है कि भगवान बदरी विशाल के चढ़ावे से जुड़ा यह मामला अब सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बन चुका है। अब सभी की नजर सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी है।